मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार से रोजगार और अन्य वादों को लेकर कड़ी जवाबदेही की मांग की है। आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP के राज्यसभा सांसदों ने कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता में आने से पहले भाजपा ने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। इस हिसाब से 12 वर्षों में करीब 24 करोड़ नौकरियां दी जानी थीं, लेकिन सरकार यह स्पष्ट करे कि ये नौकरियां कहां और कैसे पैदा हुईं।
AAP सांसदों का कहना है कि देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है। सरकारी भर्तियां सीमित हैं, निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर घटे हैं और महंगाई के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में रोजगार सृजन को लेकर ठोस और स्पष्ट योजना नजर नहीं आती।
इसके साथ ही पार्टी ने किसानों की आय दोगुनी करने, काला धन वापस लाने और महंगाई पर नियंत्रण जैसे वादों को भी याद दिलाया। AAP का कहना है कि सरकार ने बड़े-बड़े वादे तो किए, लेकिन उनके परिणाम जमीन पर दिखाई नहीं देते। पार्टी नेताओं ने मांग की कि केंद्र सरकार आंकड़ों के बजाय वास्तविक स्थिति देश के सामने रखे और अपने 12 साल के शासनकाल का ईमानदारी से हिसाब दे।
