सर्दियों के मौसम में दिल्ली का नज़ारा एक बार फिर घने कोहरे से ढका हुआ दिखाई दिया। सुबह के समय राजधानी और आसपास के इलाकों में कोहरा इतना घना था कि सड़कों पर चल रही गाड़ियाँ मुश्किल से दिखाई दे रही थीं। स्ट्रीटलाइट्स और वाहनों की हेडलाइट्स धुंध के बीच धुंधली रोशनी बिखेर रही थीं, जिससे पूरा शहर एक शांत और रहस्यमयी दृश्य पेश कर रहा था।
कोहरे का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल जाने वाले बच्चे और सुबह की ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही और वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। हाइवे और फ्लाईओवर पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कोहरे के पीछे मुख्य कारण रात के समय तापमान में गिरावट और हवा में नमी का बढ़ना है। ठंडी रातों में जब हवा शांत रहती है, तो वातावरण में मौजूद नमी पानी की छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाती है और जमीन के पास कोहरा बन जाता है। दिल्ली में वायु प्रदूषण भी इस स्थिति को और गंभीर बना देता है, जिससे कोहरा लंबे समय तक बना रहता है।
हालाँकि कोहरा परेशानियाँ लेकर आता है, फिर भी कई लोगों के लिए यह मौसम खास होता है। सुबह की सैर पर निकले लोग शांत वातावरण का आनंद लेते हैं, और गरम चाय की चुस्कियों के साथ ठंड का एहसास और भी सुकून देता है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है और सूरज की किरणें तेज होती हैं, कोहरा धीरे-धीरे छंटने लगता है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी पर नज़र रखें और यात्रा के दौरान सतर्क रहें। थोड़ी सी सावधानी से इस सर्द मौसम को सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सकता है।
