तेलंगाना: तेलंगाना के सरसंपेट स्थित एक सरकारी स्कूल की अंग्रेजी शिक्षिका भुव्या गौतमी ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि निलंबन के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उन्हें लगातार अपमानित किया और मानसिक रूप से परेशान किया, जिसके चलते उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।
भुव्या गौतमी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि वह स्कूल के समय में नहीं, बल्कि अपने निजी समय में इंस्टाग्राम रील्स बनाती थीं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी अपनी ड्यूटी की अनदेखी नहीं की। इसके बावजूद उन्हें लगातार आलोचना और विभागीय दबाव का सामना करना पड़ा।
मामला तब सामने आया जब उन पर इंस्टाग्राम रील्स के जरिए एक निजी स्कूल का प्रचार करने का आरोप लगा। आरोप है कि कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद उन्होंने स्कूल समय के दौरान भी रील्स बनाईं, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जनवरी में उन्हें निलंबित कर दिया था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भावुक हुईं भुव्या गौतमी ने बताया कि वह एक आदिवासी समुदाय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं। उन्होंने कहा कि अपने पिता और पति के सहयोग से उन्होंने शिक्षिका बनने का सपना पूरा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 12 वर्षों तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया और बाद में सरकारी शिक्षक बनीं ताकि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दे सकें।
भुव्या गौतमी ने कहा कि लगातार अपमान, ट्रोलिंग और मानसिक दबाव के कारण उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया गतिविधियों के संभावित परिणामों को पूरी तरह नहीं समझा था, लेकिन उनका उद्देश्य कभी भी अपनी सरकारी जिम्मेदारियों की अनदेखी करना नहीं था।
