नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए आतंक फैलाने की कथित साजिश के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मोहाली की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों पर पाकिस्तान से IED, हथियार और हेरोइन मंगाकर भारत में बड़े आतंकी हमले की योजना बनाने का आरोप है।
चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार और फरार चल रहे जसवीर चौधरी का नाम शामिल है। दोनों के खिलाफ UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
फरवरी 2026 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला फरवरी 2026 में अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने दर्ज किया था। इसी दौरान शुभम कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, उसके कब्जे से एक जिंदा IED, रिमोट कंट्रोल, विदेशी .30 बोर की पिस्टल, मैगजीन, 20 जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और हेरोइन बरामद की गई थी।
मार्च 2026 में NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। जांच के दौरान एजेंसी को कथित तौर पर पता चला कि पाकिस्तान में बैठा एक हैंडलर अपने भारतीय सहयोगियों के जरिए सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ भारत भेज रहा था।
यात्री ट्रेन में IED लगाने की कथित साजिश
NIA के अनुसार, शुभम कुमार को टाइमर से संचालित होने वाला IED एक यात्री ट्रेन में लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। एजेंसी का आरोप है कि इसका उद्देश्य बड़ा धमाका कर अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुंचाना था।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया कि कथित साजिश सिर्फ एक स्थान तक सीमित नहीं थी। पंजाब और दिल्ली समेत कई स्थानों पर हमले की योजना बनाए जाने की बात सामने आई है।
NIA ने जुटाए डिजिटल सबूत
NIA के मुताबिक, जांच के दौरान दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए गए हैं, जो कथित साजिश और आरोपियों की भूमिका से जुड़े हैं। एजेंसी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर मोहाली की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
NIA ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलरों और उनके अन्य सहयोगियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा, जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और हेरोइन भारत तक पहुंचाने के लिए किन रास्तों और नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
