नई दिल्ली: गर्मी और उमस के मौसम में ठंडा पानी पीने को लेकर अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग सावधान करते हैं। कहा जाता है कि ठंडा पानी पीने से जुकाम हो सकता है या पहले से जुकाम होने पर ठंडा पानी पीने से समस्या बढ़ सकती है। लेकिन क्या वाकई ठंडा पानी जुकाम की वजह बनता है? मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ ठंडा पानी पीने से जुकाम नहीं होता।
जुकाम होने की असली वजह क्या है?
डॉक्टरों के मुताबिक, सामान्य जुकाम एक वायरल इंफेक्शन है। यह वायरस के संक्रमण की वजह से होता है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली बूंदों के जरिए दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, संक्रमित सतह को छूने के बाद अगर कोई व्यक्ति बिना हाथ धोए अपने नाक, मुंह या आंखों को छूता है, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे जुकाम के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
यानी जुकाम का मुख्य कारण वायरस का संक्रमण है, न कि ठंडा पानी।
फिर ठंडा पानी पीने से गले में परेशानी क्यों होती है?
हालांकि, बहुत ज्यादा ठंडा पानी कुछ लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। बेहद ठंडा पानी पीने से कुछ लोगों को गले में असहजता, हल्की खराश या जलन महसूस हो सकती है।
खासकर जब शरीर गर्मी से तप रहा हो और अचानक बहुत ठंडा पानी पी लिया जाए, तो तापमान में अचानक बदलाव से कुछ लोगों को असहजता महसूस हो सकती है। अगर पहले से गले में संक्रमण या जलन है, तो ठंडा पानी लक्षणों को कुछ समय के लिए ज्यादा महसूस करा सकता है।
क्या जुकाम होने पर ठंडा पानी पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?
सिर्फ जुकाम होने की वजह से हर व्यक्ति को ठंडा पानी पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, अगर ठंडा पानी पीने से किसी व्यक्ति को गले में दर्द, खराश या खांसी बढ़ती महसूस होती है, तो सामान्य तापमान या हल्का ठंडा पानी लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
क्या है निष्कर्ष?
कुल मिलाकर, ठंडा पानी सीधे तौर पर जुकाम नहीं करता। जुकाम की मुख्य वजह वायरस का संक्रमण है। हालांकि, बहुत ठंडा पानी कुछ लोगों में गले की परेशानी या असहजता बढ़ा सकता है।
इसलिए गर्मी में पानी पीना जरूरी है, लेकिन पानी का तापमान अपनी सहनशीलता और शरीर की स्थिति के अनुसार रखना बेहतर है।
