सिंक के पास रखा साबुन क्यों हो जाता है नरम और चिपचिपा? जानें सही तरीके से रखने का तरीका

सिंक के पास रखा साबुन क्यों हो जाता है नरम और चिपचिपा? जानें सही तरीके से रखने का तरीका

नई दिल्ली: क्या आपके घर में भी सिंक के पास रखा साबुन कुछ ही दिनों में नरम और चिपचिपा होने लगता है? हाथ धोने के बाद साबुन को गीली साबुनदानी में रख देना आसान जरूर लगता है, लेकिन लगातार पानी और नमी के संपर्क में रहने से साबुन धीरे-धीरे घुलने लगता है। इससे साबुन जल्दी खत्म होता है और साबुनदानी में भी चिपचिपी परत जमा हो जाती है।

अक्सर लोग इसके लिए साबुन की क्वालिटी को जिम्मेदार मानते हैं, जबकि कई बार असली वजह साबुन को रखने का गलत तरीका होता है। कुछ छोटी आदतों में बदलाव करके साबुन को लंबे समय तक ठीक रखा जा सकता है।

पानी के संपर्क में रहने से जल्दी गलता है साबुन

साबुन के जल्दी नरम पड़ने की सबसे बड़ी वजह उसका लगातार पानी के संपर्क में रहना है। अगर साबुन ऐसी साबुनदानी में रखा है, जिसमें पानी जमा होता रहता है, तो उसका निचला हिस्सा लगातार गीला रहता है। इससे साबुन धीरे-धीरे घुलकर नरम और चिपचिपा हो जाता है।

सिंक के पास रखे साबुन पर नल चलाने के दौरान पानी के छींटे भी पड़ते रहते हैं। अगर इस्तेमाल के बाद साबुन को सूखने का समय नहीं मिलता तो उसकी टिकिया तेजी से छोटी होने लगती है। बाथरूम या किचन में ज्यादा नमी होने पर भी साबुन के नरम पड़ने की समस्या बढ़ सकती है।

ऐसी साबुनदानी का करें इस्तेमाल

साबुन को लंबे समय तक सही रखने के लिए जरूरी है कि उसके नीचे पानी जमा न हो। ऐसी साबुनदानी इस्तेमाल करें जिसमें पानी बाहर निकलने के लिए छोटे छेद या ड्रेनेज की सुविधा हो।

अगर साबुनदानी में पानी जमा हो गया है तो उसे तुरंत खाली कर दें और साबुन को सूखी जगह पर रख दें। साथ ही साबुनदानी को समय-समय पर साफ करते रहें। उसमें जमा साबुन की चिपचिपी परत पानी निकलने के रास्ते को बंद कर सकती है।

नल से थोड़ी दूरी पर रखें साबुन

अगर संभव हो तो साबुन को नल की सीधी पहुंच से थोड़ा दूर रखें। हाथ धोते समय पानी के छींटे सीधे साबुन पर पड़ने से उसकी सतह जल्दी नरम हो सकती है।

सिंक छोटा है और नल से ज्यादा पानी के छींटे आते हैं तो साबुन रखने की जगह में थोड़ा बदलाव भी काफी मददगार हो सकता है। ऐसी जगह चुनें जहां साबुन इस्तेमाल के बाद आसानी से सूख सके।

इस्तेमाल के बाद साबुन को सूखने दें

साबुन इस्तेमाल करने के बाद उसे तुरंत पानी वाली जगह पर रखने के बजाय कुछ देर सूखने देना बेहतर है। अगर टिकिया पर ज्यादा पानी लगा है तो उसे हल्के हाथ से झटक दें और फिर ऐसी साबुनदानी में रखें जहां हवा आसानी से पहुंच सके।

साबुन को लगातार गीला रखने के बजाय उसे सूखने का समय देने से उसकी टिकिया ज्यादा समय तक मजबूत रह सकती है।

घर में दो साबुन हैं तो अपनाएं ये तरीका

अगर घर में एक से ज्यादा साबुन की टिकिया इस्तेमाल होती हैं तो उन्हें बारी-बारी से इस्तेमाल किया जा सकता है। एक साबुन को लगातार गीला रखने के बजाय दूसरे साबुन का इस्तेमाल करने से पहली टिकिया को सूखने का पर्याप्त समय मिल जाता है।

हालांकि, अतिरिक्त साबुन को सिंक या बाथरूम के पास खुले में रखने के बजाय किसी सूखी और ठंडी जगह पर रखना बेहतर है।

धूप और गर्मी से भी बचाएं

सिर्फ पानी और नमी ही नहीं, बल्कि ज्यादा गर्मी भी साबुन को नरम कर सकती है। इसलिए साबुन को ऐसी जगह रखने से बचें जहां सीधी धूप आती हो या लगातार गर्मी रहती हो।

अगर सिंक के पास खिड़की है और वहां सीधे धूप आती है तो साबुन रखने के लिए दूसरी जगह चुनें। अतिरिक्त साबुन की टिकियों को सूखी अलमारी या ठंडी जगह पर पैक करके रखना बेहतर हो सकता है।

साबुन जल्दी खत्म हो रहा है तो स्टोरेज चेक करें

अगर साबुन इस्तेमाल के कुछ ही दिनों में गलकर खत्म हो रहा है तो हर बार नया साबुन खरीदने से पहले उसकी स्टोरेज की जगह पर ध्यान दें।

साबुन को गीली सतह पर न रखें, साबुनदानी में पानी जमा न होने दें और इस्तेमाल के बाद उसे सूखने का मौका दें। सिंक के पास साबुन रखना सुविधाजनक जरूर है, लेकिन उसे नल के छींटों और जमा पानी से बचाना भी उतना ही जरूरी है।

अच्छी ड्रेनेज वाली साबुनदानी, सूखी जगह और इस्तेमाल के बाद साबुन को सूखने का समय देना उसकी उम्र बढ़ाने में मदद कर सकता है।

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