घायल होने के बावजूद डटे रहे कैप्टन स्मित मच्छर, फ्लाईदुबई संकट में बची सैकड़ों जानें

घायल होने के बावजूद डटे रहे कैप्टन स्मित मच्छर, फ्लाईदुबई संकट में बची सैकड़ों जानें

नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की एक उड़ान में सामने आए बेहद गंभीर कॉकपिट संकट के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के साहस की देश-विदेश में चर्चा हो रही है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कथित तौर पर कॉकपिट के भीतर हिंसक झड़प हुई। इस दौरान विमान के कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रयास जारी रखा।

रिपोर्टों के अनुसार, विमान में कुल 174 लोग सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में स्थिति अचानक बिगड़ गई। इसी बीच विमान तेजी से नीचे जाने लगा और कुछ ही समय में उसने हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। विमान में मौजूद लोगों के लिए यह बेहद तनावपूर्ण स्थिति थी।

बताया गया है कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद कुछ यात्री और चालक दल के अन्य सदस्य कॉकपिट तक पहुंचे और कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने भी स्थिति संभालने में सहायता की।

इसके बाद उड़ान को अपने निर्धारित गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की। लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई।

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छर का सऊदी अरब में शुरुआती इलाज किया गया और बाद में उन्हें आगे के उपचार के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया। भारतीय राजनयिक अधिकारी लगातार उनके परिवार के संपर्क में रहे और उनकी चिकित्सा स्थिति की जानकारी लेते रहे।

इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से सराहना की। प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जिंदगी बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया।

मोदी ने यूपीएससी के शताब्दी समारोह में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कैप्टन मच्छर ने एक और “9/11 जैसी” त्रासदी को टालने में मदद की। यह प्रधानमंत्री का वर्णन है; विमान घटना की पूरी परिस्थितियों और उसके कारणों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जानी है।

प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छर के परिवार से भी बातचीत की। उन्होंने उनके माता-पिता और पत्नी से बात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली तथा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

इस घटना में केवल कैप्टन ही नहीं, बल्कि विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य चालक दल के सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। रिपोर्टों के मुताबिक, कॉकपिट में प्रवेश करने वाले यात्रियों ने कथित हमलावर को नियंत्रित करने में मदद की। एक यात्री के चिकित्सकीय अनुभव ने घायल पायलट को तत्काल सहायता पहुंचाने में भी भूमिका निभाई।

घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने कैप्टन मच्छर और विमान में मौजूद उन लोगों की सराहना की जिन्होंने संकट की घड़ी में मदद की।

कैप्टन मच्छर के पेशेवर करियर की भी इस घटना के बाद चर्चा हो रही है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2011 में स्पाइसजेट के साथ कमर्शियल एविएशन करियर शुरू किया था। वहां उन्होंने लंबे समय तक काम किया और वरिष्ठ कमांडर तथा लाइन ट्रेनिंग कैप्टन जैसी जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े। उनके पास बोइंग 737 विमान उड़ाने का व्यापक अनुभव बताया जाता है।

इस घटना ने विमानन क्षेत्र में कॉकपिट सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कॉकपिट में विवाद किस वजह से शुरू हुआ, विमान अचानक नीचे क्यों गया और संकट के दौरान चालक दल ने किन प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात कैप्टन स्मित मच्छर की स्वास्थ्य स्थिति है। एक गंभीर हवाई आपातस्थिति के दौरान उनके द्वारा किए गए प्रयासों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को “9/11 जैसी” त्रासदी से जोड़कर वर्णित किया है, लेकिन इस तुलना से अलग घटना के वास्तविक कारण और पूरी घटनाक्रम की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उड़ान में वास्तव में क्या हुआ था और संकट को नियंत्रित करने में किसकी क्या भूमिका रही।

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जितेन्द्र कुमार

जितेन्द्र कुमार उत्तर प्रदेश के हाथरस के रहने वाले एक भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो वरिष्ठ पत्रकार और एक्सपर्ट टाइम्स नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं।

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