श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से ₹6 लाख की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल ₹16 लाख की सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक घृणित और अमानवीय घटना बताया। उन्होंने निर्दोष नागरिकों की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और घाटी में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ईंट-भट्ठे पर किया गया था हमला
यह हमला 31 जुलाई की देर शाम दक्षिण कश्मीर के केलम (कुलगाम) स्थित एक ईंट-भट्ठे पर हुआ, जहां गैर-स्थानीय मजदूर काम कर रहे थे। हमलावरों ने मजदूरों पर गोलीबारी की, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना में दीपक रात्रे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल बोपिंदर को पहले जीएमसी अनंतनाग और बाद में बेहतर इलाज के लिए एसकेआईएमएस, सौरा रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों मजदूर
अधिकारियों के अनुसार, दोनों मृतक 20 से 30 वर्ष की आयु के थे और छत्तीसगढ़ के निवासी थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पहले भी गैर-स्थानीय मजदूर बने थे निशाना
गौरतलब है कि गैर-स्थानीय मजदूरों पर हमला कोई पहली घटना नहीं है। फरवरी 2024 में श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में आतंकियों ने पंजाब के दो मजदूर अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके अलावा, कुलगाम हमले से करीब 10 दिन पहले अनंतनाग में आतंकियों ने एक पुलिस अधिकारी की भी हत्या कर दी थी, जिसके बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
