क्या अमेरिका अन्य देशों के लिए सरकार परिवर्तक है ?

क्या अमेरिका अन्य देशों के लिए सरकार परिवर्तक है ?

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यह सवाल अब बहुत आम है।जब भी तख्तापलट होता है और दुनिया के देशों में सरकार के खिलाफ विरोध होता है तो संकेत संयुक्त राज्य अमेरिका के चारों ओर घूमता है।क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है?आइए अमेरिका की पिछली घटनाओं को देखें जो तथ्यों को साबित करती हैं।

अमेरिका बदलते शासन में शामिल है?
वर्ष 1995, सीआईए ऑपरेशन कोड नाम ऑपरेशन पीबी सक्सेस, जिसने ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति जैकोबा अर्बेन्ज़ को पद से हटा दिया और कार्लोस कैस्टिलो अरमास को स्थापित किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, कई नाज़ियों शाही जापानी और एशियाई शासक को उखाड़ फेंका, जिसमें एडॉल्फ हिटलर से लेकर इमरान खान शामिल है। सीआईए फाइल 2005 में ,यूएसए अभिलेखागार द्वारा प्रकाशित किया गया जिसमें प्रधान मंत्री सिगेरु योशिदा को हटाने के लिए विस्तृत साजिश का उल्लेख है।

1893 हवाई देश।
1893 में, संयुक्त राज्य अमेरिका के दूत की मदद से एक तख्तापलट ने श्वेत व्यवसाय और वृक्षारोपण के मालिक के छोटे समूह द्वारा हवाई की सम्राट रानी लीलीयूओकलानी को बेदखल कर दिया।
6 साल बाद, रानी का उत्तराधिकारी एवं भाई डेविड कलाकौउवा ने बंदूक की नोक पर नए संविधान पर हस्ताक्षर किए जिसने उसकी सारी शक्ति छीन ली और इसे प्लांटर क्लास को दें दी गई। 1898 में हवाई पर कब्जा कर लिया गया। 1959 में हवाई अमेरिका का 50वां राज्य बना। 1993 में यूएसए सरकार ने हवाई नागरिकों से माफी मांगी ।उनके सम्राट को हटाने और 1.8 मिलियन एकड़ भूमि कब्जा करने के लिए।

क्यूबा 1933 और ईरान 1953।
दोनों तख्तापलट संसाधन के मकसद थे।संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्यूबा और दक्षिण कैरेबियन देशों में चीनी, फल, कॉफी का कारोबार प्राप्त करने के लिए हस्तक्षेप किया तथाकथित “बनाना युद्ध “में। वही बात करे ईरान की तो लोकतांत्रिक सरकार मोहम्मद मोसादेग का तख्तापलट हो गया था। सीआईए दस्तावेजों में आंतरिक रूप से ऑपरेशन अजाक्स कहा जाता है। इरानीन अमेरिकी इतिहासकार के अनुसार, यूएसए का तेल हित इसके साथ था। 1947 से सीआइए को यूएसए द्वारा सेना के रूप में उपयोग किया जाता था।

1963, दक्षिण वियतनाम।
पेंटागन पेपर्स ने दावा किया कि यूएसए ने प्रोत्साहित और फंडिंग कि वियतनाम के राष्ट्रपति नेगो दीन दिहम की हत्या और तख्तापलट। संयुक्त राज्य अमेरिका ने वियतनाम में हजारों सैनिकों को भेजा था, लेकिन सफलता के बिना नागरिकों और संसाधनो का नुकसान हुआ।

चिली और निकारागुआन।
1970 में चिली के निर्वाचित समाजवादी राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे के चयनित होने के बाद अमेरिका ने चिली में छोटे छोटे समूह को लेकर तख्तापलट की तैयारी की जिसे सैन्य ऑगस्टो पिनोशे ने अगुआई की और 1973 में तानाशाही की स्थापना की।
1913 से 1933 के बीच निकारागुआ में दखल के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका देश पर कब्जा का इतिहास रहा है। 1990 विपक्षी जीतने वाली पार्टी के राष्ट्रपति वायलेट्टा चार्मोरो को फंडिंग अमेरीका ने ही कि थी।

2001 अफगानिस्तान।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2001 में अफगानिस्तान पर आक्रमण किया और तालिबान के खिलाफ हामिद करजाई सरकार का समर्थन किया। 2011 में अशरफ गनी ने मोर्चा सम्भाला और फिर 2021 में तालिबान द्वारा काबुल पर कब्जा कर लिया गया जबकि उस वक्त भी अमेरिकी सेना वहाँ मौजूद थी। 2003 में इराक में भी सद्दाम हुसैन की सरकार अमेरिका ने गिराई और 2011 में युद्ध का अंत किया जिसके बाद भी सरकार का ढांचा अस्थिर रहा।

अगर हम म्यांमार, पाकिस्तान की बात करें तो तख्तापलट या बदले हुए शासन को यूएसए द्वारा वित्त पोषित और समर्थित किया जाता है।जैसा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया था। म्यांमार के विलय के बाद अब तक संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा सेना के लिए ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे यह ज्ञात होता है की अमेरिक प्रजातंत्र के लिए खड़ा है। बांग्लादेश सरकार के अनुसार यूएसए वर्तमान सरकार के शासन को बदलने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और अमेरीका बांग्लादेश चुनाव को मान्यता नहीं दे रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने संयुक्त राज्य अमेरिका की रणनीतियों और हितों के संरक्षण के नाम पर विदेशी सरकार में बदलाव करने के लिए अपनी सेना और एजेंसियों का इस्तेमाल करता है।

author

अंजलि कुमारी

Anjali Kumari is an author at Xpert Times.

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