दिल्ली: दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक मामले ने कैब सर्विसेज की कार्यप्रणाली और वेरिफिकेशन सिस्टम पर गंभीर बहस छेड़ दी है। राजधानी की रहने वाली एक महिला ने दावा किया कि देर रात उबर से यात्रा करना उसके लिए डरावना अनुभव बन गया।
महिला के अनुसार, पहली राइड के दौरान ड्राइवर का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह बार-बार अनजान रास्तों पर गाड़ी ले जा रहा था और सुनसान गलियों में अचानक मोड़ लेने लगा। इससे महिला घबरा गई और उसने तुरंत घर वालों को अपनी लोकेशन शेयर की। किसी तरह वह सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच पाई, लेकिन डर वहीं खत्म नहीं हुआ।
इसके बाद ली गई दूसरी राइड में हालात और चिंताजनक हो गए। महिला ने आरोप लगाया कि ऐप में दिख रही नंबर प्लेट और गाड़ी की असली नंबर प्लेट में अंतर था। इतना ही नहीं, ड्राइवर ने कुछ देर तक उसका पीछा भी किया, जिससे वह सदमे में आ गई। इस अनुभव के बाद उसने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की।
पोस्ट वायरल होते ही कई महिलाओं ने अपने ऐसे ही अनुभव साझा किए और कैब कंपनियों से सख्त सुरक्षा उपायों की मांग की। लोगों का कहना है कि केवल ऐप-आधारित सुविधा काफी नहीं, बल्कि ड्राइवरों का सख्त वेरिफिकेशन और रियल-टाइम सेफ्टी फीचर्स अनिवार्य होने चाहिए। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि महिलाओं की सुरक्षित यात्रा अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
