दिल्ली में किशोरी की हत्या का मामला: CCTV से खुला राज, चार आरोपी हिरासत में

दिल्ली में किशोरी की हत्या का मामला: CCTV से खुला राज, चार आरोपी हिरासत में

नई दिल्ली में एक किशोरी की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। स्वारूप नगर इलाके के एक खुले मैदान से किशोरी का सड़ा-गला शव बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शव की हालत काफी खराब थी और मौके पर आवारा कुत्ते भी मौजूद थे। शुरुआती जांच में शव की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

पुलिस को 13 सितंबर को कुशक रोड के पास एक मैदान में शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के अनुसार, चिकित्सकीय जांच में यौन हिंसा के संकेत मिले और शरीर पर चाकू से चोट के निशान भी पाए गए।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतका उन लोगों को जानती थी, जिन्हें अब इस मामले में हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन किशोरी एक टेंपो में कुछ लोगों के साथ गई थी। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया।

मामले में सबसे अहम सुराग CCTV कैमरों से मिला। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक टेंपो संदिग्ध समय पर इलाके में आता-जाता दिखाई दिया। अंधेरा होने के कारण शुरुआती फुटेज में वाहन का नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर लगे कैमरों की मदद से वाहन की आवाजाही का रास्ता ट्रैक किया।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने टेंपो को खड्डा कॉलोनी इलाके में ट्रेस किया। पुलिस ने वाहन चालक से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ से अन्य संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिली। इसके बाद कुल चार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें एक वयस्क और तीन नाबालिग बताए गए हैं।

पुलिस ने वयस्क आरोपी की पहचान शिवम उर्फ सुदामा उर्फ चुचु के रूप में बताई है। तीन अन्य संदिग्धों की उम्र 16 और 17 वर्ष बताई गई है। नाबालिग आरोपियों के मामले में कानून के तहत अलग प्रक्रिया लागू होगी।

जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर दो चाकू, कुछ कपड़े और उस टेंपो को भी बरामद किया है, जिसे घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। इन सामानों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद वस्तुओं का घटना से सीधा संबंध है या नहीं।

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि परिवार ने किशोरी के लापता होने की रिपोर्ट पहले दर्ज नहीं कराई थी। पुलिस के मुताबिक, परिवार ने बताया कि वह कभी-कभी घर से बाहर चली जाती थी और कुछ दिनों बाद वापस लौटती थी। इसी वजह से शुरुआती स्तर पर उसकी गैरमौजूदगी को लेकर पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी।

पुलिस अब CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि किशोरी आखिरी बार किन लोगों के साथ थी और उसके साथ वास्तव में क्या हुआ।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। चूंकि आरोपियों में नाबालिग भी शामिल हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई संबंधित किशोर न्याय कानून के तहत की जाएगी।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले फोरेंसिक और अन्य साक्ष्य ही यह स्पष्ट करेंगे कि घटना में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और किशोरी की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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जितेन्द्र कुमार

जितेन्द्र कुमार उत्तर प्रदेश के हाथरस के रहने वाले एक भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो वरिष्ठ पत्रकार और एक्सपर्ट टाइम्स नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं।

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