नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने बताया कि वह अपने गांव पहुंच गए हैं और सरकार को प्रदर्शन समाप्त कराने के दौरान किए गए लिखित वादों की याद दिलाई है।
गांव पहुंचकर साझा किया वीडियो
सोनम वांगचुक ने वीडियो में कहा,
“दोस्तों, मैं अपने गांव पहुंच गया हूं। मेरे पीछे डूबता सूरज और सिंधु नदी है। यहां मैं विश्राम कर रहा हूं और दोबारा ऊर्जा प्राप्त कर रहा हूं।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार धरना समाप्त होने के दौरान किए गए लिखित आश्वासनों को पूरा करे।
सरकार से वादे निभाने की अपील
वांगचुक ने कहा कि अनशन समाप्त करते समय सरकार की ओर से जो लिखित वादे किए गए थे, उन्हें समय पर पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने उन छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग दोहराई, जिनकी प्रदर्शन के दौरान मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि हर वादा समय पर पूरा होने पर ही उसका महत्व होता है।
‘देश को मिलकर बनाना होगा’
वीडियो में सोनम वांगचुक ने भारतीय रेलवे की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कश्मीर तक रेलवे परियोजना पर काम कर रहे इंजीनियरों और अधिकारियों ने महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उन्होंने कहा,
“कुछ लोग इस बात से नाराज थे कि मैं सरकार की तारीफ क्यों कर रहा हूं। अगर इसरो कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करे या भारतीय रेल कोई ऐतिहासिक परियोजना पूरी करे, तो उसकी सराहना होनी चाहिए। यह किसी एक सरकार की नहीं, पूरे देश की उपलब्धि है।”
‘भक्त नहीं, जागरूक नागरिक बनिए’
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने लोगों से संतुलित सोच अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा,
“देश हमें मिलकर बनाना है। हमें भक्त नहीं बनना है। गलत को गलत और सही को सही कहना चाहिए। पक्ष हो या विपक्ष, हर अच्छे काम की सराहना और हर गलती की आलोचना होनी चाहिए।”
गौरतलब है कि हाल ही में सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर 26 दिन तक भूख हड़ताल की थी। बाद में सरकार से मिले आश्वासन के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया था।
