नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए ‘विद्या वाहिनी योजना’ शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, स्कूल आने-जाने की सुविधा बेहतर बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत राजधानी की करीब 1.40 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने योजना के पहले चरण की शुरुआत कर दी है। अब तक करीब 3,000 छात्राओं को साइकिलें वितरित की जा चुकी हैं, जबकि शेष पात्र छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से इसका लाभ दिया जाएगा।
किन छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ?
दिल्ली सरकार के अनुसार, यह योजना मुख्य रूप से सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों में कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए है। योजना का लाभ केवल दिल्ली की स्थायी निवासी छात्राओं को मिलेगा। वहीं, निजी (प्राइवेट) स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
आवेदन करने की जरूरत नहीं
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि छात्राओं या उनके अभिभावकों को किसी भी वेबसाइट पर आवेदन करने या सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
स्कूल प्रशासन और प्रधानाचार्य अपने-अपने स्कूलों की पात्र छात्राओं की सूची तैयार कर उसे दिल्ली शिक्षा निदेशालय को भेजेंगे। सूची के सत्यापन के बाद पात्र छात्राओं को साइकिलें वितरित की जाएंगी।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
हालांकि योजना के लिए अलग से आवेदन नहीं करना है, लेकिन साइकिल वितरण के समय छात्राओं को सत्यापन के लिए कुछ दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- स्कूल का पहचान पत्र (School ID)
- आधार कार्ड या दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र
- कक्षा 9 में प्रवेश का प्रमाण
90 करोड़ रुपये का बजट
दिल्ली सरकार ने विद्या वाहिनी योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। सरकार का कहना है कि इस योजना से उन छात्राओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जिन्हें स्कूल दूर होने के कारण आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इससे छात्राओं की स्कूल में नियमित उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
