नई दिल्ली: महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कोर्ट से मिली बड़ी राहत
सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह को आरोपों से बरी कर दिया। फैसले के बाद उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि जिस दिन उन पर आरोप लगाए गए थे, उसी दिन उन्होंने कहा था कि यदि आरोप सही साबित हुए तो वह खुद फांसी लगा लेंगे। उन्होंने कहा कि अब अदालत ने उन्हें बरी कर दिया है।
क्या 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे?
कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि बृजभूषण शरण सिंह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वापसी कर सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर फिलहाल उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में यौन शोषण के आरोपों के बाद भाजपा ने उनका टिकट नहीं दिया था। उनकी जगह पार्टी ने उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया, जो चुनाव जीतकर वर्तमान में कैसरगंज से सांसद हैं।
2029 लोकसभा चुनाव लड़ने की जताई थी इच्छा
पिछले वर्ष नवंबर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि यदि वह स्वस्थ और जीवित रहे तो 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रयास करेंगे, लेकिन यदि टिकट नहीं मिला तो भी चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे।
हालांकि, उसी बयान में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है और वह ऐसी कोई तैयारी भी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह और उनकी टीम भाजपा की विचारधारा से जुड़े हुए हैं।
राजनीतिक अटकलें जारी
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह की सक्रिय राजनीति में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, वह 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या 2029 लोकसभा चुनाव पर ही ध्यान केंद्रित करेंगे, इस पर अंतिम फैसला उनके और भाजपा के आगामी राजनीतिक निर्णयों पर निर्भर करेगा।
