बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से राहत, बजरंग पुनिया बोले- हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से राहत, बजरंग पुनिया बोले- हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया है। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ पहलवान बजरंग पुनिया ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है।

बजरंग पुनिया बोले- हाईकोर्ट जाएंगे

एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बजरंग पुनिया ने कहा कि वह अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर आगे की रणनीति साझा करने के लिए दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी।

कोर्ट के फैसले के बाद कुश्ती जगत और राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अदालत ने क्या फैसला सुनाया?

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार की अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया।

यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों से जुड़ा था। अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 2 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था और 3 अगस्त को अपना निर्णय सुनाया।

किन धाराओं में दर्ज था मामला?

दिल्ली पुलिस ने 15 जून को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

इससे पहले मई 2024 में अदालत ने उनके खिलाफ आपराधिक धमकी के आरोप तय करने का आदेश दिया था। वहीं, छह शिकायतों में से एक मामले में उन्हें पहले ही राहत मिल चुकी थी।

फिलहाल अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है। वहीं, बजरंग पुनिया द्वारा हाईकोर्ट जाने की घोषणा के बाद इस मामले में आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।

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