नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में Foreign Medical Graduates (FMGs) के साथ हो रही इंटर्नशिप में देरी और कथित अन्याय के खिलाफ आवाज़ तेज होती जा रही है। हजारों की संख्या में मेडिकल ग्रेजुएट्स अब एकजुट होकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। “Justice for FMGs” अभियान के तहत दिल्ली में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है, जो कल सुबह 11:30 बजे Delhi Medical Council (DMC) कार्यालय के बाहर आयोजित होगा।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व Federation of All India Medical Association (FAIMA) कर रही है। संगठन के अनुसार, देशभर के FMGs लंबे समय से इंटर्नशिप अलॉटमेंट में देरी, पारदर्शिता की कमी और असमान व्यवहार जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। FAIMA के पदाधिकारियों का कहना है कि यह देरी न केवल छात्रों के करियर को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनकी मानसिक और आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर डाल रही है।
प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों का कहना है कि उन्होंने कठिन परीक्षाओं और प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद भी अब तक उन्हें समय पर इंटर्नशिप का अवसर नहीं मिला है। उनका आरोप है कि नीतियों की अस्पष्टता और प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसी के विरोध में वे अब सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकार और संबंधित संस्थाओं का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। छात्र मांग कर रहे हैं कि इंटर्नशिप प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो और सभी FMGs को समान अवसर प्रदान किए जाएं। “Stop Internship Delays for FMGs” जैसे नारों के साथ यह आंदोलन अब गति पकड़ता नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस समस्या का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका असर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी पड़ सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में योग्य डॉक्टर सिस्टम से बाहर रह जाएंगे।
अब सभी की निगाहें दिल्ली मेडिकल काउंसिल और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि FMGs की इस बढ़ती आवाज़ को कब और किस तरह से सुना जाता है।
