दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर KitKat पैकेट में छिपाकर लाई जा रही 2.759 किलो ड्रग्स जब्त

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर KitKat पैकेट में छिपाकर लाई जा रही 2.759 किलो ड्रग्स जब्त

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नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने एक बार फिर हाईटेक तकनीक की मदद से ड्रग्स तस्करी की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। इस बार एक यात्री ने KitKat चॉकलेट के पैकेटों में 2.759 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाकर भारत लाने की कोशिश की, लेकिन एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) की सतर्कता से उसे एयरपोर्ट पर ही पकड़ लिया गया।

फुकेट से आए यात्री के बैग से मिला हाइड्रोपोनिक गांजा

कस्टम विभाग के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2377 से फुकेट से दिल्ली पहुंचे एक यात्री को Advance Passenger Information System (APIS) प्रोफाइलिंग के आधार पर संदिग्ध पाया गया।

ग्रीन चैनल पार करने के बाद यात्री को रोककर उसके सामान की हाई-रिजॉल्यूशन एक्स-रे स्कैनिंग की गई। जांच में KitKat चॉकलेट के पैकेटों के अंदर छिपाए गए चार वैक्यूम-सील पैकेट मिले, जिनमें कुल 2.759 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ।

इसके बाद कस्टम विभाग ने आरोपी को NDPS Act के तहत गिरफ्तार कर लिया।

AI और हाईटेक तकनीक से तस्करों पर शिकंजा

कस्टम अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट लगातार तस्करी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी गीजर के भीतर, कभी ट्रॉली बैग के खोखले हिस्सों में और अब चॉकलेट पैकेटों में मादक पदार्थ छिपाकर भारत लाने की कोशिश की जा रही है।

इन मामलों का खुलासा AI आधारित जोखिम विश्लेषण (Risk Analysis), APIS प्रोफाइलिंग, हाई-रिजॉल्यूशन एक्स-रे स्कैनिंग और खुफिया सूचनाओं के आधार पर किया जा रहा है।

दो महीनों में 140 किलो से ज्यादा ड्रग्स जब्त

दिल्ली कस्टम के आंकड़ों के मुताबिक—

  • जून महीने में 80 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए और 7 तस्कारों को गिरफ्तार किया गया।
  • 1 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 60 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया और 15 से ज्यादा आरोपियों को पकड़ा गया।

इस तरह केवल दो महीनों में 140 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए और 22 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

इन अंतरराष्ट्रीय रूटों पर सबसे ज्यादा निगरानी

कस्टम विभाग के अनुसार, हाल के अधिकांश मामले बैंकाक, फुकेट और कुआलालंपुर से आने वाली उड़ानों से जुड़े हैं। जांच एजेंसियों ने इन रूटों को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट लगातार इन मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बरामदगियां

कस्टम विभाग ने इससे पहले भी कई बड़ी कार्रवाई की हैं।

  • 7 जून: कुआलालंपुर से आए दो यात्रियों के गीजर के भीतर छिपाकर लाई गई 15.38 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद।
  • 23 मई: बैंकाक से आए दो विदेशी नागरिकों के पास से 47.8 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त।

यदि इन बरामदगियों को हालिया आंकड़ों में शामिल किया जाए, तो कुल जब्त मादक पदार्थ की मात्रा 187.8 किलोग्राम तक पहुंच जाती है।

जुलाई में भी जारी रही कार्रवाई

जुलाई महीने में भी कस्टम विभाग ने कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं।

  • 27 जुलाई: 7.4 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद
  • 29 जुलाई: 11 किलोग्राम से अधिक बरामद
  • 30 जुलाई: 18.15 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त

इन तीन मामलों में सात तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा कई अन्य मामलों में भी 2 से 10 किलोग्राम तक की मादक खेप बरामद की गई।

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