रांची बना ‘जंतर-मंतर’: छात्र आंदोलन का छठा दिन, CJP के समर्थन से तेज हुई सरकार पर जवाब देने की मांग

रांची बना ‘जंतर-मंतर’: छात्र आंदोलन का छठा दिन, CJP के समर्थन से तेज हुई सरकार पर जवाब देने की मांग

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रांची में जारी छात्र आंदोलन सोमवार को छठे दिन भी पूरे जोश और अनुशासन के साथ जारी रहा। लगातार छह दिनों से धरने पर बैठे छात्र अपनी मांगों को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब और सार्थक बातचीत की मांग कर रहे हैं। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आंदोलन को समर्थन दिए जाने के बाद यह प्रदर्शन और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक समर्थन मिलने से आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है, हालांकि छात्र नेताओं ने दोहराया कि यह पूरी तरह छात्रों का आंदोलन है और इसकी दिशा छात्र ही तय करेंगे।

सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरना स्थल पर जुटने लगे। उनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर अपनी मांगों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े संदेश लिखे हुए थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगाए और सरकार से जल्द बातचीत शुरू करने की अपील की। आंदोलन स्थल पर भोजन, पीने के पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी स्वयंसेवकों द्वारा की गई, जिससे लगातार धरने पर बैठे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

धरने में शामिल छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं है, बल्कि सरकार तक अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाना है। उनका कहना है कि यदि संबंधित अधिकारी समय रहते संवाद शुरू करते हैं तो समाधान का रास्ता आसानी से निकल सकता है। छात्रों ने यह भी कहा कि वे तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता।

आंदोलन के छठे दिन सबसे अधिक चर्चा CJP नेताओं के धरना स्थल पहुंचने की रही। पार्टी प्रतिनिधियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की बात सुनी जाए और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकाला जाए। CJP नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

हालांकि छात्रों ने CJP के समर्थन का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि आंदोलन किसी राजनीतिक दल के नियंत्रण में नहीं है। छात्र नेताओं ने कहा कि वे सभी संगठनों और नागरिकों के नैतिक समर्थन का सम्मान करते हैं, लेकिन आंदोलन की रणनीति और फैसले केवल छात्र प्रतिनिधि ही करेंगे। उनका कहना है कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केवल छात्रों की समस्याओं का समाधान है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना।

धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। पुलिस बल की तैनाती के बीच पूरे दिन स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। प्रशासन ने यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अब तक कोई बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या सामने नहीं आई है और सभी पक्ष संयम बनाए हुए हैं।

सोशल मीडिया पर भी यह आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। धरना स्थल से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और छात्रों के भाषण तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोग छात्रों के अनुशासित प्रदर्शन की सराहना कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग सरकार से जल्द बातचीत शुरू करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को लेकर राज्य के बाहर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार छह दिनों तक शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा यह आंदोलन अब केवल एक छात्र प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी का प्रतीक बनता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकार जल्द बातचीत की पहल करती है तो समाधान का रास्ता निकल सकता है और स्थिति सामान्य हो सकती है।

दिन समाप्त होने तक छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि उनका आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था के पक्ष में नहीं हैं और केवल लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहेंगे। CJP के समर्थन के बाद आंदोलन को नई चर्चा जरूर मिली है, लेकिन छात्रों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी उम्मीद अब भी सरकार के साथ सकारात्मक संवाद और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई से जुड़ी हुई है।

author

जितेन्द्र कुमार

जितेन्द्र कुमार उत्तर प्रदेश के हाथरस के रहने वाले एक भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो वरिष्ठ पत्रकार और एक्सपर्ट टाइम्स नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं।

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