मुंबई: न्यूज़ मैगज़ीन ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को रेप केस में बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने निचली अदालत के 2021 के बरी करने वाले फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया है। मामले में सजा पर फैसला भी अदालत द्वारा सुनाया जाना है।
कोर्ट में लगाई नरमी की गुहार
फैसले के दौरान तरुण तेजपाल अदालत में मौजूद रहे। उन्होंने कोर्ट से सजा में नरमी बरतने की अपील करते हुए कहा कि उनकी उम्र 62 वर्ष है, वे दो बेटियों के पिता हैं और इस मामले में खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।
वकील ने मांगी सजा पर रोकतरुण तेजपाल के वकील आबाद पोंडा ने अदालत से न्यूनतम सजा देने की मांग की। साथ ही दोषसिद्धि और सजा पर कम से कम 10 सप्ताह की रोक लगाने का अनुरोध किया, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सके।
सरकार ने मांगी अधिकतम सजागोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अधिकतम सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे समाज में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि “नहीं का मतलब नहीं होता है।
“किन धाराओं में दोषी करार?
अदालत ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(एफ), 354(ए) और 354(बी) के तहत दोषी ठहराया है। धारा 376(2)(एफ) के तहत दोष सिद्ध होने पर कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल पर अपनी पूर्व जूनियर महिला सहकर्मी के साथ कथित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का आरोप लगा था। निचली अदालत ने 2021 में उन्हें बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की थी।
