नई दिल्ली: फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज अपनी अगली फिल्म को लेकर सुर्खियों में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पूर्व ‘तहलका’ एडिटर तरुण तेजपाल से जुड़े 2013 के चर्चित मामले पर फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी को जापानी फिल्म ‘राशोमोन’ की तर्ज पर अलग-अलग नजरियों से पेश किया जाएगा।
विशाल भारद्वाज इससे पहले शाहिद कपूर स्टारर फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर चर्चा में रहे थे। अब उनकी अगली फिल्म के विषय को लेकर सामने आई जानकारी ने दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है।
अलग-अलग नजरिए से दिखाई जाएगी कहानी
‘वैरायटी’ की रिपोर्ट के अनुसार, विशाल भारद्वाज 2013 में सामने आए तरुण तेजपाल मामले को फिल्म के जरिए पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे हैं।
फिल्म में एक ही घटना को अलग-अलग किरदारों के नजरिए से दिखाए जाने की बात कही जा रही है। ‘राशोमोन’ तकनीक में किसी घटना को अलग-अलग लोगों की नजर से पेश किया जाता है, जिससे दर्शकों के सामने घटनाओं की कई अलग-अलग तस्वीरें सामने आती हैं।
विशाल भारद्वाज का मानना है कि इस मामले से जुड़े कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी आम लोगों के बीच ज्यादा चर्चा नहीं हुई है।
कोर्ट के फैसलों में अंतर से आया फिल्म का विचार
रिपोर्ट के मुताबिक, विशाल भारद्वाज ने गोवा ट्रायल कोर्ट के 527 पन्नों वाले फैसले का कई बार अध्ययन किया है। वह मामले की सुनवाई के दौरान गोवा में मौजूद भी रहे थे और उन्होंने कार्यवाही को करीब से देखा।
विशाल के अनुसार, ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों में मौजूद अंतर ने उन्हें इस कहानी को अलग-अलग नजरियों से पेश करने का विचार दिया।
उन्होंने कहा कि दोनों फैसलों के बीच अंतर इस कहानी को ‘राशोमोन’ शैली में दिखाने के लिए खास बनाता है। उनके मुताबिक, इस मामले से जुड़ी कई छोटी-छोटी बातें ऐसी हैं, जिनके सामने आने पर दर्शक हैरान हो सकते हैं।
‘राशोमोन’ स्टाइल में क्यों होगी कहानी?
विशाल भारद्वाज ने अलग-अलग नजरियों से कहानी कहने की जरूरत पर भी बात की है। उनका कहना है कि किसी घटना को समझने के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण महत्वपूर्ण होते हैं।
‘राशोमोन’ शैली में एक ही घटना को अलग-अलग किरदारों या गवाहों की नजर से दिखाया जाता है। हर व्यक्ति के बयान और अनुभव में अंतर हो सकता है और इसी के जरिए दर्शकों को यह समझने का मौका मिलता है कि घटना को अलग-अलग लोग किस तरह देखते हैं।
इस तकनीक का नाम जापानी फिल्ममेकर अकीरा कुरोसावा की 1950 में आई फिल्म ‘राशोमोन’ से जुड़ा है।
क्या है तरुण तेजपाल मामला?
तरुण तेजपाल से जुड़ा मामला साल 2013 में सामने आया था। उन पर गोवा के एक पांच सितारा होटल में अपनी जूनियर महिला सहयोगी के साथ रेप और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। यह मामला ‘थिंकफेस्ट’ के दौरान का बताया गया था।
महिला ने आरोप लगाया था कि 7 नवंबर 2013 को होटल की लिफ्ट में उनके साथ रेप किया गया और अगले दिन भी कथित तौर पर ऐसी हरकत दोहराने की कोशिश की गई।
इस मामले में तेजपाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी
मई 2021 में गोवा की फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने तरुण तेजपाल को रेप और यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में सबूतों की कमी को अहम आधार माना था।
इसके बाद मामले में आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रही और हाई कोर्ट में ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई।
हाई कोर्ट के फैसले को लेकर क्या है दावा?
आपके दिए गए कंटेंट के मुताबिक, हालिया कानूनी घटनाक्रम में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और रेप के मामले में 10 साल की सजा तथा 5 लाख रुपये जुर्माने की बात कही गई है।
मामले से जुड़े अन्य आरोपों के तहत भी अलग-अलग सजा और जुर्माने का उल्लेख किया गया है। इस कानूनी मामले के अंतिम और वर्तमान स्टेटस की पुष्टि आधिकारिक अदालती रिकॉर्ड से करना जरूरी है।
