Zero Oil Cooking: क्या बिना तेल का खाना सच में है फायदेमंद? जानिए फायदे, तरीका और जरूरी सावधानियां

Zero Oil Cooking: क्या बिना तेल का खाना सच में है फायदेमंद? जानिए फायदे, तरीका और जरूरी सावधानियां

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नई दिल्ली: आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। वजन कम करने से लेकर हार्ट हेल्थ और डायबिटीज को मैनेज करने तक, डाइट में कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक है Zero Oil Cooking, यानी खाना बनाते समय तेल या घी का इस्तेमाल न करना।

इस तरह की कुकिंग में भोजन को पानी, भाप, सब्जियों की प्राकृतिक नमी या वेजिटेबल स्टॉक की मदद से पकाया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए मसालों, जड़ी-बूटियों, नींबू, अदरक और लहसुन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Zero Oil Cooking के क्या फायदे हैं?

बिना तेल या बहुत कम तेल में खाना बनाने से डाइट में अतिरिक्त फैट और कैलोरी की मात्रा कम की जा सकती है। खासकर ऐसे लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकता है जो अपनी कुल कैलोरी और फैट इनटेक पर ध्यान दे रहे हैं।

तेल में मौजूद कुछ प्रकार के फैट का अधिक सेवन लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए संतुलित डाइट के साथ तेल की मात्रा कम करना हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मिल सकती है मदद

शरीर में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम से जुड़ा माना जाता है। डाइट में अतिरिक्त फैट और प्रोसेस्ड फैट कम करने से कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, केवल जीरो ऑयल कुकिंग को इसका इलाज नहीं माना जा सकता। संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह भी जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए भी हो सकता है विकल्प

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को अक्सर संतुलित और कम नमक वाले भोजन की सलाह दी जाती है। ऐसे में कम तेल में तैयार किया गया भोजन हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

यहां यह समझना भी जरूरी है कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सिर्फ तेल की मात्रा ही नहीं, बल्कि नमक, कुल कैलोरी और पूरी डाइट की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

डायबिटीज में कैसी है Zero Oil Cooking?

डायबिटीज वाले लोगों के लिए भी कम तेल वाला भोजन संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। दालें, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को सही मात्रा में शामिल करना ब्लड शुगर मैनेजमेंट के लिए उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, डायबिटीज में सिर्फ तेल कम करना पर्याप्त नहीं है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा, पोर्शन साइज और कुल डाइट का संतुलन भी बेहद महत्वपूर्ण है।

Zero Oil Cooking कैसे करें?

बिना तेल के खाना बनाने के लिए इन तरीकों को अपनाया जा सकता है:

  • नॉन-स्टिक या अच्छी गुणवत्ता वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें।
  • सब्जियों को उनकी प्राकृतिक नमी, पानी या वेजिटेबल स्टॉक में पकाएं।
  • स्टीमिंग, उबालना, ग्रिलिंग और बेकिंग जैसे तरीकों को प्राथमिकता दें।
  • स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, धनिया, पुदीना, काली मिर्च, अदरक और लहसुन का इस्तेमाल करें।
  • तली हुई चीजों की जगह स्टीम, बेक या ग्रिल किए हुए विकल्प चुनें।

क्या बिना तेल का खाना स्वादिष्ट हो सकता है?

कई लोगों को लगता है कि तेल के बिना खाना स्वादहीन हो जाता है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। ताजी सब्जियों, सही मसालों और बेहतर कुकिंग तकनीक की मदद से बिना तेल के भी स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है।

आजकल कई लोग बिना तेल के सूप, दाल, सब्जियां, इडली, ढोकला और अन्य व्यंजन तैयार कर रहे हैं।

क्या हर किसी को पूरी तरह तेल छोड़ देना चाहिए?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। शरीर को कुछ मात्रा में हेल्दी फैट की जरूरत होती है। नट्स, बीज, एवोकाडो और अन्य पौष्टिक स्रोतों से मिलने वाले फैट शरीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह तेल बंद करना जरूरी नहीं है। बेहतर विकल्प यह है कि कुल डाइट को संतुलित रखा जाए और जरूरत के अनुसार तेल की मात्रा को नियंत्रित किया जाए।

अगर किसी व्यक्ति को हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।

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