‘लाल किले को राजनीतिक मंच न बनाएं’, PM मोदी के बयान पर सपा सांसद रुचिवीरा का पलटवार

‘लाल किले को राजनीतिक मंच न बनाएं’, PM मोदी के बयान पर सपा सांसद रुचिवीरा का पलटवार

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मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद से सांसद रुचिवीरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के लाल किले से दिए गए ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को लाल किले जैसे मंच को राजनीतिक मंच नहीं बनाना चाहिए और देश में भाईचारे व सौहार्द की बात करनी चाहिए।

रुचिवीरा ने कहा कि प्रधानमंत्री को युवाओं की समस्याओं और उनसे किए गए वादों पर बात करनी चाहिए। उन्होंने राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री को इस बारे में जवाब देना चाहिए।

‘युवाओं की पीड़ा का जवाब दें प्रधानमंत्री’

सपा सांसद ने कहा कि देश के युवाओं के साथ किए गए वादे पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझने और उनकी पीड़ा पर बात करने की जरूरत है।

रुचिवीरा ने कहा कि जो युवा अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर आए, उनके मुद्दों का समाधान होना चाहिए, न कि उनके लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

RSS के पंजीकरण की मांग का किया समर्थन

रुचिवीरा ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण की मांग का भी समर्थन किया। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जब हर संगठन का पंजीकरण होता है तो RSS का भी पंजीकरण होना चाहिए।

CM योगी की जौहर यूनिवर्सिटी टिप्पणी पर भी निशाना

सपा सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मोहम्मद अली जौहर और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताया।

रुचिवीरा ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद संवैधानिक पद है और मोहम्मद अली जौहर देशभक्त थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जौहर को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जौहर यूनिवर्सिटी के नाम को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इसका नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखा गया था, जिसे उन्होंने देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार बताया।

आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बयान पर भी बोलीं रुचिवीरा

सपा सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने सपा नेता शिवपाल सिंह यादव द्वारा आजम खान को 2027 में सपा सरकार बनने पर गृह मंत्री बनाए जाने की संभावना जताने पर सवाल उठाया था।

रुचिवीरा ने आजम खान का बचाव करते हुए कहा कि उन पर हत्या का मुकदमा नहीं है और वह पहले भी समाजवादी पार्टी की सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

दरअसल, सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद कहा था कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाया जा सकता है। इस पर कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि गंभीर मामलों का सामना कर रहे व्यक्ति को गृह मंत्री बनाने की बात न्यायपालिका की भूमिका और देश के कानून का अपमान है।

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