वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में रचा इतिहास, 15 साल की उम्र में जड़ा सबसे कम उम्र का अर्धशतक

वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में रचा इतिहास, 15 साल की उम्र में जड़ा सबसे कम उम्र का अर्धशतक

नई दिल्ली: दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया है। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए महज 42 गेंदों में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की।

15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहासवैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 157 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया। इसके साथ ही उन्होंने करीब पांच दशक पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था, जिन्होंने 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।

पीयूष चावला ने भी इस टूर्नामेंट में 16 साल 307 दिन की उम्र में फिफ्टी लगाई थी। लेकिन वैभव ने इन दोनों खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए 16 साल से कम उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।

शतक से चूके, 92 रन की खेली विस्फोटक पारीवैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 81 गेंदों पर 92 रन बनाए। वह शतक पूरा करने से महज 8 रन दूर रह गए। उनकी इस शानदार पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।

उन्होंने ईस्ट जोन की पारी के शुरुआती 15 ओवरों के अंदर ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर वैभव ने 42 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की।

ईस्ट जोन की कप्तानी भी संभाली

वैभव के लिए यह सेमीफाइनल मुकाबला कई मायनों में खास रहा। ईशान किशन की गैरमौजूदगी में उन्होंने ईस्ट जोन की कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली। ईशान कलाई में चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए थे।

हालांकि टूर्नामेंट के इस मुकाबले की शुरुआत वैभव के लिए अच्छी नहीं रही थी। वह पहली पारी में सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

कप्तानी में DRS का फैसला भी रहा चर्चा में

मुकाबले के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी का एक DRS फैसला भी चर्चा में रहा। सेंट्रल जोन की पारी के 40वें ओवर में मुकेश कुमार गेंदबाजी कर रहे थे। उनकी गेंद आर्यन जुयाल के बल्ले के बेहद करीब से निकली और ईस्ट जोन के खिलाड़ियों को किनारा लगने का अंदेशा हुआ।

हालांकि टीम के खिलाड़ियों को पूरी तरह यकीन नहीं था, लेकिन वैभव ने DRS लेने का फैसला किया। रिव्यू में गेंद के बल्ले का किनारा लेने की पुष्टि हुई और उनका फैसला सही साबित हुआ।

वैभव के नाम एक और बड़ी उपलब्धि

महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी लगातार अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच रहे हैं। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में रिकॉर्ड अर्धशतक के साथ उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि कम उम्र के बावजूद बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की उनमें पूरी क्षमता है।

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