‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर फिर छिड़ी बहस, राइटर प्रकाश कपाड़िया ने किया बचाव, स्वरा भास्कर ने कही थी ये बात

‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर फिर छिड़ी बहस, राइटर प्रकाश कपाड़िया ने किया बचाव, स्वरा भास्कर ने कही थी ये बात

मुंबई: संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ का जौहर सीन एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म में जौहर के चित्रण को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने पहले सवाल उठाए थे, जिस पर काफी विवाद हुआ था। अब फिल्म के लेखक प्रकाश कपाड़िया ने जौहर सीन का बचाव करते हुए कहा है कि फिल्म में उस दौर की ऐतिहासिक वास्तविकता को दिखाने की कोशिश की गई थी।

प्रकाश कपाड़िया ने जौहर सीन को बताया उस दौर की हकीकत

प्रकाश कपाड़िया ने कहा कि फिल्म बनाने के दौरान उपलब्ध रिसर्च और इतिहास की किताबों में दर्ज जानकारी को आधार बनाया गया था। उनके मुताबिक, फिल्म में जौहर का जो सीन दिखाया गया, वह उस समय की परिस्थितियों की वास्तविकता को दर्शाता था।

उन्होंने कहा कि उस दौर में परिस्थितियां ‘करो या मरो’ जैसी थीं और राजपूत योद्धा केसरिया पहनकर युद्ध के मैदान में उतरते थे। उनका मकसद तब तक लड़ना होता था, जब तक वे शहीद न हो जाएं, खासकर तब जब जीत की संभावना बेहद कम होती थी।

क्या है राजपूत परंपरा में ‘केसरिया’ का मतलब?

प्रकाश कपाड़िया ने राजपूत परंपरा का जिक्र करते हुए बताया कि केसरिया का संबंध पुरुषों के युद्ध के लिए केसरिया रंग के कपड़े पहनकर मैदान में उतरने से था। ऐसी परिस्थितियों में योद्धा आखिरी दम तक युद्ध करने के लिए जाते थे।

उन्होंने कहा कि ‘पद्मावत’ में जौहर समेत जो घटनाएं दिखाई गईं, वे उस समय की परिस्थितियों से जुड़ी थीं और इतिहास में दर्ज विवरणों के आधार पर फिल्म का हिस्सा बनाई गईं।

स्वरा भास्कर के बयान पर क्या बोले प्रकाश कपाड़िया?

स्वरा भास्कर के पुराने बयान को लेकर प्रकाश कपाड़िया ने कहा कि किसी फिल्म को देखने और समझने का तरीका व्यक्ति की सोच और मनोदशा पर भी निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति फिल्म में कुछ नकारात्मक तलाशने की मानसिकता से जाए, तो उसकी प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

उन्होंने याद दिलाया कि ‘पद्मावत’ की रिलीज से पहले भी काफी विवाद हुआ था और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए थे। उनके मुताबिक, फिल्म को लेकर वही बहस कई साल बाद भी जारी है और अब इस पर लोगों को अपनी राय रखने देना चाहिए।

स्वरा भास्कर ने जौहर सीन पर क्या कहा था?

स्वरा भास्कर ने दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक के दौरान ‘पद्मावत’ के क्लाइमेक्स में दिखाए गए जौहर पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा था कि फिल्म में करीब 800 महिलाओं के जौहर करने का दृश्य देखकर उनके मन में यह सवाल आया कि अगर कोई महिला रेप सर्वाइवर होती, तो फिल्म का अंत उसे क्या संदेश देता।

स्वरा ने रेप के खिलाफ समाज में जागरूकता की जरूरत पर जोर देते हुए सवाल उठाया था कि ऐसी परिस्थितियों में रेप सर्वाइर्स को क्या संदेश दिया जा रहा है और क्या उन्हें जीने का अधिकार नहीं है।

ट्रोलिंग के बाद स्वरा ने दी थी सफाई

बयान के बाद स्वरा भास्कर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया था। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने बयान पर सफाई दी।

स्वरा ने कहा था कि उनके बयान के एक वीडियो क्लिप को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहा था। स्वरा ने इस दावे को गलत बताया था।

उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका सवाल यह था कि अगर कोई महिला रेप के बाद जीवित बचती है, तो क्या समाज उसे यह महसूस कराएगा कि उसने अपनी जान नहीं देकर कोई गलती या कायरता की है।

स्वरा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी कहा था कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली किसी महिला को कायर नहीं कहा था। उन्होंने महिलाओं के रेप के बाद भी जीवन जीने के अधिकार की बात कही थी।

स्वरा के पति फहाद अहमद ने भी किया था बचाव

स्वरा भास्कर के पति फहाद अहमद ने भी उस समय उनकी ओर से प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि कोई यह साबित करे कि स्वरा ने रानी पद्मावती को कायर कहा है। उन्होंने स्वरा के बयान को गलत तरीके से पेश किए जाने का आरोप लगाया था।

‘पद्मावत’ की रिलीज के समय भी फिल्म को लेकर देशभर में विवाद और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। अब लेखक प्रकाश कपाड़िया के बयान के बाद फिल्म के जौहर सीन और स्वरा भास्कर के पुराने बयान को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

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