ब्राजील चुनाव में बड़ा उलटफेर, बोल्सोनारो की बढ़त घटी; दूसरे दौर के मतदान के आसार

ब्राजील चुनाव में बड़ा उलटफेर, बोल्सोनारो की बढ़त घटी; दूसरे दौर के मतदान के आसार

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में मुकाबला बेहद करीबी होता जा रहा है। वोटों की गिनती आगे बढ़ने के साथ पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की शुरुआती बढ़त लगातार कम होती दिखाई दे रही है। उपलब्ध अनुमानों के मुताबिक चुनाव दूसरे दौर यानी रनऑफ की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, अंतिम नतीजे आधिकारिक मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

शुरुआती अनुमानों में बोल्सोनारो अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी से आगे नजर आ रहे थे। इससे उनके समर्थकों के बीच पहले ही दौर में जीत की उम्मीद बढ़ गई थी। लेकिन जैसे-जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से वोटों के आंकड़े सामने आए, दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच अंतर कम होता गया। इस बदलाव ने चुनाव को और ज्यादा रोमांचक बना दिया है।

ब्राजील की राष्ट्रपति चुनाव प्रणाली में किसी उम्मीदवार को पहले दौर में जीतने के लिए आवश्यक बहुमत हासिल करना होता है। यदि कोई उम्मीदवार उस सीमा तक नहीं पहुंचता, तो सबसे अधिक वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे दौर का मतदान कराया जाता है। ऐसे में मौजूदा अनुमान इस संभावना को मजबूत कर रहे हैं कि राष्ट्रपति पद का अंतिम फैसला रनऑफ में हो सकता है।

जायर बोल्सोनारो ब्राजील की राजनीति में एक प्रभावशाली दक्षिणपंथी नेता माने जाते हैं। राष्ट्रपति पद पर रहने के दौरान उन्होंने मजबूत सुरक्षा नीति, रूढ़िवादी सामाजिक विचारों और आर्थिक नीतियों पर जोर दिया था। उनके समर्थकों का मानना है कि देश को अपराध पर सख्त कार्रवाई और आर्थिक सुधारों की जरूरत है। यही मुद्दे उनके चुनावी अभियान में भी प्रमुख रहे हैं।

हालांकि, बोल्सोनारो के विरोधी भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उनके कार्यकाल के दौरान देश की राजनीति में तीखा ध्रुवीकरण देखने को मिला था। उनके आलोचक उनकी राजनीतिक शैली और कई नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव केवल दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि ब्राजील की राजनीतिक दिशा को लेकर भी एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह जैसा बन गया है।

अगर रनऑफ होता है तो चुनाव का पूरा समीकरण बदल जाएगा। पहले दौर में कई उम्मीदवारों के बीच वोट बंटने के बाद दूसरे दौर में केवल दो प्रमुख उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। ऐसे में उन उम्मीदवारों के समर्थक बेहद महत्वपूर्ण हो जाएंगे, जो पहले दौर के बाद मुकाबले से बाहर हो जाएंगे।

दोनों प्रमुख उम्मीदवारों को अब अपने पारंपरिक समर्थकों से आगे बढ़कर नए मतदाताओं को आकर्षित करना होगा। मध्यमार्गी मतदाता, छोटे दलों के समर्थक और वे लोग जिन्होंने पहले दौर में किसी अन्य उम्मीदवार को वोट दिया है, अंतिम परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

चुनाव में अर्थव्यवस्था भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। महंगाई, रोजगार, आय, सरकारी खर्च और आर्थिक विकास जैसे विषय मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा भी लंबे समय से ब्राजील की राजनीति के प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

पर्यावरण नीति का महत्व भी कम नहीं है। अमेजन वर्षावन का बड़ा हिस्सा ब्राजील में है और इसलिए वहां की सरकार की पर्यावरण नीति का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ता है। नई सरकार की नीतियों पर दुनिया भर के पर्यावरण संगठनों और निवेशकों की नजर रहेगी।

ब्राजील की विदेश नीति भी चुनाव के बाद बदल सकती है। दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के कारण ब्राजील की भूमिका क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण है। व्यापार, जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय संबंध और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर नए राष्ट्रपति की नीतियां असर डाल सकती हैं।

फिलहाल बोल्सोनारो की बढ़त कम होने से चुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। हालांकि अनुमान बदल सकते हैं और आधिकारिक नतीजे आने तक किसी भी उम्मीदवार की जीत को निश्चित नहीं माना जा सकता।

यदि रनऑफ की पुष्टि होती है, तो ब्राजील के मतदाताओं को दो प्रमुख उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनने का एक और मौका मिलेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक गठजोड़, समर्थन और चुनावी रणनीतियां तेजी से बदल सकती हैं।

ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। बोल्सोनारो की घटती बढ़त ने पहले दौर में जीत की संभावना को कमजोर किया है और दूसरे दौर की संभावना को मजबूत कर दिया है। अंतिम फैसला आधिकारिक परिणामों के बाद ही होगा, लेकिन इतना तय है कि ब्राजील की सत्ता की यह दौड़ अभी खत्म नहीं हुई है।

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अंजली सिंह

अंजली सिंह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की एक भारतीय पत्रकार हैं। वे नई दिल्ली में रहती हैं।

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