नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने सवाल उठाए हैं। अल्वी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए नियुक्ति पर संदेह जताया, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है।
राशिद अल्वी ने उठाए नियुक्ति पर सवाल
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि मौजूदा बीजेपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के जजों को राज्यपाल या राज्यसभा सदस्य बना रही है, जिससे लोगों के मन में सवाल पैदा होते हैं। उन्होंने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनाए जाने पर भी सवाल उठाया।
अल्वी ने कहा कि उनका राम मंदिर ट्रस्ट से क्या लेना-देना है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के पीछे कोई ऐसा सच है, जो सामने नहीं आया है और जिसकी वजह से उन्हें ट्रस्ट का CEO बनाया गया।
उन्होंने बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री की नीतियों पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसी नीतियां देश के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर BJP का पलटवार
राशिद अल्वी के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अल्वी का वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस पर सशस्त्र बलों के प्रति नफरत रखने का आरोप लगाया।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस अभी तक इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के एक नायक की नियुक्ति पर सवाल उठाना सैनिकों का विरोध करने वाली सोच को दर्शाता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम जिम्मेदारी में थे जितेंद्र मिश्रा
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिल्ली स्थित वायुसेना की पश्चिमी कमान में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर तैनात थे।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से फतह मिसाइल के जरिए हमले का प्रयास किया गया, जिसे भारतीय वायुसेना ने सिरसा के आसमान में मार गिराया था।
राम मंदिर मामले को लेकर भी अल्वी ने उठाए सवाल
राशिद अल्वी ने राम मंदिर से जुड़े सुरक्षा और कथित चोरी के मामले को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर में डकैती करने वालों की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है।
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के रूप में नियुक्ति के बाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
