नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूज़ीलैंड दौरे ने भारत और न्यूज़ीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दे दी है। दौरे के दौरान पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देश विकास, विश्वास और साझेदारी की नई यात्रा पर साथ आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की मौजूदगी में 10 महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर सहमति बनी। इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक, नवाचार और आपसी सहयोग को और मजबूत करना है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने न्यूज़ीलैंड में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं और आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने एक भावुक याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि करीब 25 से 30 साल पहले जब वह पहली बार न्यूज़ीलैंड आए थे, तब स्वागत स्वरूप उन्हें एक मफलर भेंट किया गया था। उसी मफलर को मंच पर दिखाते हुए उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं, जिसे देखकर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
प्रधानमंत्री के इस दौरे को दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब इन समझौतों के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी हैं।
