यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को यूक्रेन के निप्रो शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 बताई गई थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने इसे बढ़ाकर 14 कर दिया। इस हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आपातकालीन सेवाओं को लगाया गया।
प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन को बनाया निशाना
यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी उक्रज़ालिज़नित्सिया के अनुसार, रूसी जेट-संचालित ड्रोन ने निप्रो रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया। हमले के समय वहां निप्रो से जापोरिज्जिया जाने वाली ट्रेन नंबर 866 खड़ी थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर एक सामान्य यात्री ट्रेन और एक नियमित यात्री सेवा मौजूद थी।
हमले के समय स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई यात्री प्लेटफॉर्म पर ही थे। ड्रोन के हमले ने यात्रियों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
निप्रो के क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांद्र हांझा ने शुरुआत में 13 लोगों की मौत की जानकारी दी थी। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कई घायलों की हालत गंभीर थी और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी।
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें
हमले की जानकारी मिलते ही आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सा कर्मियों और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और राहतकर्मियों ने प्रभावित इलाके में बचाव कार्य शुरू किया।
इस हमले ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। रेलवे स्टेशन आमतौर पर लोगों के आने-जाने, अपने परिजनों से मिलने और काम के सिलसिले में यात्रा करने का स्थान होता है। लेकिन युद्ध के दौरान ऐसे सार्वजनिक स्थान भी लगातार खतरे का सामना कर रहे हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले की निंदा करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से रूस के खिलाफ दबाव बढ़ाने और यूक्रेन की सुरक्षा मजबूत करने की अपील भी की।
युद्ध के बीच रेलवे नेटवर्क पर बढ़ता खतरा
यूक्रेन का रेलवे नेटवर्क देश के परिवहन तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हवाई यातायात बंद रहने के कारण ट्रेनें यात्रियों और सामान को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। लाखों लोग रोजमर्रा की जरूरतों, काम और परिवार से मिलने के लिए रेल सेवाओं पर निर्भर हैं।
हालांकि, रूस के हमलों और ड्रोन संबंधी चेतावनियों के कारण रेलवे संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है। यूक्रेन की रेलवे कंपनी के मुताबिक, सितंबर महीने में ड्रोन हमलों के खतरे के कारण 5,800 से अधिक ट्रेन सेवाओं में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए निकासी की आवश्यकता पड़ी थी।
बार-बार मिलने वाली चेतावनियों के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान अचानक ट्रेन से उतरना पड़ सकता है। इससे न केवल यात्रा में देरी होती है, बल्कि लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय चिंता
निप्रो रेलवे स्टेशन पर हुआ हमला ऐसे समय में सामने आया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष लगातार जारी है। फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से यूक्रेन के कई शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है।
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस पर दबाव बनाए रखने और यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
इस बीच, हमले की परिस्थितियों और इसके पूरे प्रभाव का आकलन महत्वपूर्ण बना हुआ है। किसी विशेष हमले की अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैधता निर्धारित करने के लिए उसके लक्ष्य, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच आवश्यक होती है।
निप्रो रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने एक बार फिर युद्ध के मानवीय प्रभाव को उजागर किया है। जिन लोगों की जान गई, वे रेलवे स्टेशन पर अपनी सामान्य यात्रा के लिए मौजूद थे। उनके परिवारों के लिए यह घटना अपूरणीय क्षति है।
निष्कर्ष: निप्रो रेलवे स्टेशन पर ड्रोन हमले ने यूक्रेन में नागरिकों और सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ भविष्य में ऐसे हमलों से आम लोगों को बचाने के उपायों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
