नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से जारी युद्ध को खत्म कराने के प्रयासों में भारत ने मदद की पेशकश की है। यूक्रेन दौरे पर पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को खत्म कराने में किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर भारत मध्यस्थता की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार है।
‘भारत किसी भी तरह मदद के लिए तैयार’
कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में एस. जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।
जयशंकर और सिबिहा की बातचीत में ब्लैक सी (काला सागर) में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठा। दोनों पक्षों ने क्षेत्र में जारी घटनाक्रम और उससे जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर चर्चा की।
पहली बार यूक्रेन पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री
एस. जयशंकर इस समय यूक्रेन के दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान वह अपने यूक्रेनी समकक्ष आंद्रिय सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। इसके अलावा क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी यात्रा का अहम हिस्सा है।
भारतीय नाविकों की मौत के बीच जयशंकर का यूक्रेन दौरा
जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब काला सागर में रूस और यूक्रेन के बीच बढ़े तनाव के दौरान भारतीय नाविकों के मारे जाने और घायल होने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा भी दोनों देशों के बीच बातचीत का महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।
यूक्रेन ने जयशंकर की यात्रा को बताया ऐतिहासिक
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने एस. जयशंकर की कीव यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री के तौर पर अपने भारतीय समकक्ष का कीव में स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात है।
सिबिहा ने कहा कि यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब यूक्रेन के शहरों, बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की राजधानी लगातार हमलों का सामना कर रही है और उन्होंने जयशंकर की यात्रा को साहसिक कदम बताया।
