कालीन भैया-गुड्डू पंडित पर भारी पड़े रवि किशन, बबुआ के भौकाल ने लूटी महफिल

कालीन भैया-गुड्डू पंडित पर भारी पड़े रवि किशन, बबुआ के भौकाल ने लूटी महफिल

मुंबई: ‘मिर्जापुर’ की दुनिया जब बड़े पर्दे पर पहुंची तो फैंस की नजरें कालीन भैया और गुड्डू पंडित जैसे पॉपुलर किरदारों पर थीं। लेकिन ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन ने बब्बन यादव उर्फ बबुआ के किरदार से ऐसा भौकाल मचाया है कि उनकी मौजूदगी फिल्म की बड़ी खासियत बनकर सामने आती है।

फिल्म में रवि किशन की एंट्री लाइन से ही उनके किरदार की दमदार झलक मिल जाती है। उनका अंदाज, आत्मविश्वास, बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलीवरी पर्दे पर अलग ही प्रभाव छोड़ती है।

बबुआ सिर्फ गैंगस्टर नहीं, किरदार में हैं कई परतें

बब्बन यादव का किरदार सिर्फ एक गैंगस्टर तक सीमित नहीं है। उसके व्यक्तित्व में कई अलग-अलग पहलू देखने को मिलते हैं। वह महिलाओं का सम्मान करता है, प्यार को लेकर भावुक है और अपने कुछ उसूलों पर चलता है।

यही खूबियां उसे ‘मिर्जापुर’ की दुनिया के दूसरे गैंगस्टर्स से अलग पहचान देती हैं। रवि किशन ने इस किरदार को जिस कॉन्फिडेंस के साथ निभाया है, वह स्क्रीन पर साफ नजर आता है।

डायलॉग से लेकर एक्शन तक, हर जगह रवि किशन का दबदबा

रवि किशन की बॉडी लैंग्वेज से लेकर उनकी डायलॉग डिलीवरी तक बब्बन यादव के किरदार में एक खास दबदबा दिखाई देता है। खास तौर पर उनके फाइटिंग सीन्स फिल्म के आकर्षण को बढ़ाते हैं।

जब भी रवि किशन स्क्रीन पर आते हैं, उनका किरदार अपने आसपास के सीन पर हावी होता दिखाई देता है। यही वजह है कि कालीन भैया और गुड्डू पंडित जैसे पहले से स्थापित किरदारों के बीच भी बबुआ अपनी अलग जगह बनाने में कामयाब होता है।

कहानी को नई दिशा देता है बबुआ का किरदार

बब्बन यादव सिर्फ फिल्म में नया चेहरा जोड़ने के लिए नहीं है। कहानी को एक नई दिशा देने में भी उसका किरदार अहम भूमिका निभाता है। फिल्म की कहानी में बबुआ की मौजूदगी कई महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आती है।

यही वजह है कि रवि किशन का किरदार फिल्म के सेंटर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराता है।

कालीन भैया और गुड्डू के बीच बबुआ ने बनाई जगह

पंकज त्रिपाठी का कालीन भैया और अली फजल का गुड्डू पंडित ‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल हैं। ऐसे में इनके बीच किसी नए किरदार के लिए अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था।

लेकिन बब्बन यादव के किरदार में रवि किशन का तेवर, अंदाज और अभिनय इस चुनौती को काफी हद तक पार करता नजर आता है। ट्रेलर रिलीज के बाद भी रवि किशन की चर्चा हुई थी, लेकिन फिल्म देखने के बाद उनके किरदार का प्रभाव और ज्यादा मजबूत महसूस होता है।

रवि किशन के करियर में फिर दिखा एक्टिंग का दम

पिछले कुछ समय से रवि किशन अपने इंटरव्यू और सोशल मीडिया मीम्स को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। लेकिन ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि जब बात अभिनय की आती है, तो वह किसी भी दमदार किरदार को अपने अंदाज से यादगार बना सकते हैं।

बबुआ के किरदार में उनका आत्मविश्वास और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म की बड़ी खूबियों में शामिल है।

गुरमीत सिंह ने किया है डायरेक्शन

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। फिल्म में ‘मिर्जापुर’ की उसी दुनिया, हिंसा, दमदार किरदारों और एक्शन का विस्तार देखने को मिलता है, जिसे दर्शक पहले से पसंद करते आए हैं।

5 में से 3.5 स्टार

फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार देते हुए रिव्यू में कहा गया है कि ‘मिर्जापुर: द मूवी’ भौकाल मचाने आई है और मास ऑडियंस को पसंद आने वाला पूरा मसाला देती है। फिल्म में वॉयलेंस, दमदार किरदार और कहानी के साथ मनोरंजन का भरपूर तड़का देखने को मिलता है।

अगर आपको ‘मिर्जापुर’ की दुनिया और इसके किरदार पसंद हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। खास तौर पर रवि किशन का बबुआ वाला अंदाज फिल्म देखने के बाद लंबे समय तक याद रह सकता है।

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