डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से की मुलाकात, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से की मुलाकात, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

बीजिंग: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। यह बैठक भारत-चीन के बीच विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता के 25वें दौर से पहले हुई। दोनों नेताओं ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सहमति के अनुरूप आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को भारत-चीन संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डोभाल चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर बीजिंग पहुंचे हैं। वह वांग यी के साथ भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता में हिस्सा लेंगे।

2003 में शुरू हुई थी SR वार्ता

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के समाधान के लिए विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत की प्रक्रिया 2003 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य करीब 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा से जुड़े विवाद का समाधान तलाशना है।

शी जिनपिंग के भारत दौरे की भी चर्चा

डोभाल और हान झेंग की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित मुलाकात पर भी नजर रहेगी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

जयशंकर ने भी सीमा पर शांति को बताया जरूरी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार (22 अगस्त) को कहा था कि चीन के साथ अच्छे संबंधों के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जरूरी है। उन्होंने यह टिप्पणी इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में की थी।

जयशंकर ने कहा था कि 2020 की गर्मियों से 2024 की शरद ऋतु के बीच भारत-चीन संबंधों में काफी कठिन दौर आया और इसका मुख्य कारण सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा की स्थिति काफी हद तक दोनों देशों के संबंधों की स्थिति तय करेगी।

वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने 12 अगस्त को कहा था कि चीन-भारत सीमा की स्थिति फिलहाल आम तौर पर स्थिर है।

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