नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में सोमवार को हुई तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश का असर हवाई सेवाओं से लेकर सड़क यातायात तक देखने को मिल रहा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी 14 फ्लाइट्स डायवर्ट की गई हैं, जबकि दोपहर करीब 1:15 बजे तक करीब 150 उड़ानें देरी से चल रही थीं।
फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों की औसत देरी करीब 27 मिनट बताई जा रही है। खराब मौसम के कारण उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कम विजिबिलिटी से प्रभावित हुआ हवाई यातायात
बारिश और खराब मौसम के दौरान कम विजिबिलिटी, रनवे की स्थिति और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट के कारण विमानों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसका असर उड़ानों के पूरे शेड्यूल पर पड़ता है और देरी बढ़ने की संभावना रहती है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि दिल्ली से फ्लाइट होने पर एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी एयरलाइन का लाइव फ्लाइट स्टेटसजरूर चेक करें। साथ ही, सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है।
कई इलाकों में जलभराव, सड़कों पर लंबा जाम
भारी बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। अशोक नगर मेट्रो स्टेशन, बुराड़ी, सीआर पार्क और अलकनंदा समेत कई क्षेत्रों में पानी भर गया।
जलभराव के चलते कई प्रमुख सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी हो गई और लंबा जाम लग गया। ITO से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट की ओर जाने वाले रास्ते पर भी भारी ट्रैफिक जाम की सूचना है।
IMD ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने दिन के दौरान और भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।
IMD के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।
उमस से मिली राहत, लेकिन बढ़ी मुश्किलें
तेज बारिश से दिल्ली-NCR के लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
