नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए तीन सांसदों के रुख को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से जुड़े ये तीनों सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से दूरी बनाए हुए हैं, जबकि राज्य सरकार के साथ संवाद जारी रखे हुए हैं।
मुर्शिदाबाद की मुस्लिम बहुल लोकसभा सीटों से चुने गए इन सांसदों में मुर्शिदाबाद से अबू ताहिर खान, जंगीपुर से खलीलुर रहमान और बहरामपुर से यूसुफ पठान शामिल हैं।
NDA की बैठक से बनाई दूरी
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई NDA संसदीय दल की बैठक में ये तीनों सांसद लगातार दूसरी बार शामिल नहीं हुए। इससे उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
TMC छोड़कर NCPI में हुए थे शामिल
ये तीनों सांसद उन 20 सांसदों के समूह का हिस्सा थे जिन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया था। बाद में सभी में शामिल हो गए।
कौन हैं ये तीनों सांसद?
- अबू ताहिर खान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। वह 2019 में TMC में शामिल हुए और उसी वर्ष पहली बार लोकसभा सांसद बने। 2024 के चुनाव में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी।
- खलीलुर रहमान जंगीपुर से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
- यूसुफ पठान, पूर्व भारतीय क्रिकेटर, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले TMC में शामिल हुए थे और उन्होंने बहरामपुर सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया था।
अबू ताहिर खान ने क्या कहा?
अबू ताहिर खान ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि वे न तो BJP या NDA में शामिल होंगे और न ही उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह NCPI का हिस्सा बने रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने राज्य सरकार के साथ बैठक की थी।
