बेंगलुरु: बेंगलुरु ग्रामीण जिले की शिवगंगे पहाड़ी पर अकेले ट्रेकिंग के लिए गए 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के लापता होने से हड़कंप मचा हुआ है। लापता युवक की पहचान अद्वैत उपाध्याय के रूप में हुई है। पुलिस, NDRF, SDRF और वन विभाग की टीमें पहाड़ी के दुर्गम और घने जंगल वाले इलाकों में लगातार उनकी तलाश कर रही हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी अद्वैत बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड स्थित एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे और कडुगोडी इलाके में रहते थे। वह IIT के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने साइबर सिक्योरिटी में मास्टर्स किया है। जनवरी में उनकी शादी होने वाली थी।
7 अगस्त को ट्रेकिंग के लिए निकले थे अद्वैत
पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को अद्वैत ने एक बाइक किराए पर ली और अपनी मंगेतर प्राप्ति चौहान को शिवगंगे हिल पर ट्रेकिंग के लिए जाने की जानकारी दी थी। CCTV फुटेज में उन्हें सुबह करीब 7:30 बजे पहाड़ी के तल पर पहुंचकर ट्रेकिंग शुरू करते हुए देखा गया।
अद्वैत को दोपहर तक वापस लौटना था, लेकिन वह वापस नहीं आए। उनका मोबाइल फोन भी संपर्क से बाहर हो गया। इसके बाद उनकी मंगेतर ने कडुगोडी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने नेलमंगला और डोब्बासपेट पुलिस को भी सूचना दी, जिसके बाद बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अद्वैत की बाइक पहाड़ी के तल पर खड़ी मिली। पुलिस के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि वह बाइक से वहां से नहीं निकले।
मोबाइल की आखिरी लोकेशन और शांतला ड्रॉप पर फोकस
जांच के दौरान पुलिस अद्वैत के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, फोन का आखिरी सिग्नल कुनिगल रोड के कुदुरु के पास मिला था और इसके बाद फोन बंद हो गया। बताया जा रहा है कि यह जगह शिवगंगे के सामान्य ट्रेकिंग रूट से अलग है।
सर्च ऑपरेशन का खास फोकस शांतला ड्रॉप पर है। इसे शिवगंगे पहाड़ी के सबसे खतरनाक हिस्सों में माना जाता है। यहां बेहद खड़ी चट्टानें और दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव दलों को पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रोन से दिखी संदिग्ध वस्तु
हाई-रिजॉल्यूशन ड्रोन से तलाशी के दौरान शांतला ड्रॉप के नीचे घनी झाड़ियों के बीच एक ऐसी वस्तु दिखाई देने की सूचना मिली, जो इंसानी शरीर जैसी प्रतीत हो रही थी।
हालांकि, उस स्थान तक पहुंचना बेहद मुश्किल है और अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि ड्रोन में दिखाई दी वस्तु अद्वैत से जुड़ी है या नहीं। बचाव दल इस इलाके में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
100 से ज्यादा जवान सर्च ऑपरेशन में जुटे
अद्वैत की तलाश में करीब 100 पुलिसकर्मी, NDRF, SDRF और वन विभाग के कर्मचारी जुटे हुए हैं। हाई-रिजॉल्यूशन ड्रोन की मदद से उन इलाकों की भी निगरानी की जा रही है, जहां पैदल पहुंचना खतरनाक है।
लगातार हो रही बारिश ने सर्च ऑपरेशन को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बचाव दल चट्टानों, घनी झाड़ियों, खतरनाक ढलानों और मुख्य ट्रेकिंग रूट से दूर इलाकों की भी जांच कर रहे हैं।
लैपटॉप की ब्राउजिंग हिस्ट्री भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अद्वैत के घर से मिले लैपटॉप की ब्राउजिंग हिस्ट्री की भी जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लैपटॉप में शिवगंगे पहाड़ी, उसके आसपास के इलाकों और शांतला ड्रॉप से जुड़ी सर्च हिस्ट्री मिली है।
इसके अलावा बेंगलुरु के आसपास आत्महत्या से जुड़ी जगहों को लेकर एक सर्च सामने आने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, पुलिस ने इन जानकारियों के आधार पर अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस और बचाव दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अद्वैत पहाड़ी के किसी दुर्गम हिस्से में फंसे हैं, किसी हादसे का शिकार हुए हैं या किसी अन्य वजह से मुख्य ट्रेकिंग रूट से अलग चले गए। अद्वैत की तलाश लगातार जारी है।
