सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती, आंदोलन जारी

सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती, आंदोलन जारी

प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक, पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक चिंतक सोनम वांगचुक की लंबी भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती किए जाने की खबर सामने आते ही देशभर में उनके समर्थकों और सामाजिक संगठनों के बीच चिंता बढ़ गई। वहीं, आंदोलन से जुड़े लोगों ने स्पष्ट किया कि वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। लगातार उपवास के कारण उनके स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखने की सलाह दी। अधिकारियों का कहना है कि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जबकि आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल भी उठाए।

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनके शरीर में कमजोरी और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दिए। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें कुछ समय तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा।

सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में समर्थक अस्पताल और प्रदर्शन स्थल के बाहर एकत्र होने लगे। लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हुए सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक बातचीत शुरू करने की अपील की। कई सामाजिक संगठनों ने भी वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और लोकतांत्रिक तरीके से संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

राजनीतिक दलों की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए और सरकार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए। वहीं, सरकारी पक्ष का कहना है कि किसी भी व्यक्ति का जीवन सर्वोपरि है और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया गया।

इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन के अगले चरण को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदर्शन से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने सभी समर्थकों से कानून का पालन करते हुए संयम बनाए रखने की अपील की।

सोशल मीडिया पर भी सोनम वांगचुक को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। हजारों लोगों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए शांतिपूर्ण समाधान की मांग की। कई शिक्षाविदों, पर्यावरण विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लोकतांत्रिक संवाद के महत्व पर बल दिया।

फिलहाल सभी की निगाहें अस्पताल से आने वाले स्वास्थ्य अपडेट और आंदोलन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत शुरू होती है तो इससे स्थिति को सकारात्मक दिशा मिल सकती है। वहीं, डॉक्टर लगातार वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध करा रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वास्थ्य संबंधी स्थिति में सुधार के साथ-साथ आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है। फिलहाल समर्थकों की सबसे बड़ी चिंता सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य है, जबकि आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की बात दोहरा रहे हैं।

author

जितेन्द्र कुमार

जितेन्द्र कुमार उत्तर प्रदेश के हाथरस के रहने वाले एक भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो वरिष्ठ पत्रकार और एक्सपर्ट टाइम्स नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं।

संबंधित पोस्ट