नई दिल्ली: नौकरी और बेहतर भविष्य की तलाश में हर साल लाखों भारतीय खाड़ी देशों समेत दुनिया के कई देशों में काम करने जाते हैं। लेकिन संसद में पेश किए गए ताजा सरकारी आंकड़ों ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच विदेशों में 39 हजार से अधिक भारतीय नागरिकों की मौत हुई, जबकि 1,900 से ज्यादा आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए।
खाड़ी देशों में सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले
लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि 2023 से 2025 के बीच विदेशों में भारतीय नागरिकों की आत्महत्या के 1,900 से अधिक मामले सामने आए। इनमें 70 प्रतिशत से अधिक मामले खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों से जुड़े हैं।
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में खाड़ी देशों में 1,340 भारतीयों ने आत्महत्या की। इनमें:
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): 511
- सऊदी अरब: 354
- कुवैत: 162
- ओमान: 146
- बहरीन: 101
- कतर: 66
इसके अलावा मलेशिया में 131, अमेरिका में 62, जबकि इटली, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम में भी 30 से अधिक मामले दर्ज किए गए।
खाड़ी देशों में 4,124 भारतीयों की मौत
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच खाड़ी देशों में आत्महत्या और अन्य कारणों से कुल 4,124 भारतीय नागरिकों की मौत हुई।
इनमें 2,784 मौतें अन्य कारणों से हुईं। इनमें:
- संयुक्त अरब अमीरात: 1,092
- सऊदी अरब: 1,040
ये आंकड़े कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और जय प्रकाश के प्रश्नों के लिखित उत्तर में लोकसभा में प्रस्तुत किए गए।
पहले के मुकाबले बढ़े आत्महत्या के मामले
सरकार के पहले जारी आंकड़ों की तुलना में विदेशों में भारतीयों की आत्महत्या के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में सरकार ने संसद को बताया था कि 2014 से 2022 के बीच विदेशों में भारतीय नागरिकों की आत्महत्या के 4,005 मामले सामने आए थे।
कार्यस्थल पर हादसों में भी गई कई जानें
सरकार ने बताया कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की मौत के कारणों में प्राकृतिक मृत्यु, कार्यस्थल पर दुर्घटना, आत्महत्या, अपराध और अन्य कारण शामिल हैं।
कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं के मामलों में भी खाड़ी देश सबसे आगे रहे। इस अवधि में:
- सऊदी अरब में 182
- संयुक्त अरब अमीरात में 128
भारतीय नागरिकों की मौत कार्यस्थल पर हुए हादसों में दर्ज की गई। अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर और मालदीव में भी ऐसे मामले सामने आए।
प्रवासी भारतीय बीमा योजना का मिलेगा लाभ
सरकार ने बताया कि विदेशों में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) लागू है। यह योजना ईसीआर (ECR) श्रेणी के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य है।
योजना के तहत:
- दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर
- 2 वर्ष के लिए ₹275 और 3 वर्ष के लिए ₹375 के प्रीमियम पर बीमा सुविधा
- अन्य निर्धारित लाभ भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
सरकार ने सुरक्षा का भरोसा दिलाया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशों में रहने और काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और बीमा सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। विभिन्न देशों के साथ समन्वय बढ़ाकर भारतीय कामगारों के हितों की रक्षा और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
