भारत ने रचा इतिहास! पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ की सफल उड़ान, दुनिया में बना तीसरा देश

भारत ने रचा इतिहास! पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ की सफल उड़ान, दुनिया में बना तीसरा देश

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 18 जुलाई 2026 ऐतिहासिक दिन बन गया। देश की पहली निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने पहले ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण कर दिया। यह लॉन्च दोपहर 12:08 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से किया गया।

‘मिशन आगमन’ नाम से लॉन्च किए गए इस मिशन के साथ भारत निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया, जहां किसी निजी कंपनी ने सफलतापूर्वक ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया है। इससे पहले यह उपलब्धि केवल अमेरिका और चीन के पास थी।

450 किलोमीटर की कक्षा में पहुंचा विक्रम-1

‘विक्रम-1’ को 450 किलोमीटर की लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित करने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया। करीब 15 मिनट 46 सेकंड की इस उड़ान के दौरान रॉकेट ने कई तकनीकी चरण सफलतापूर्वक पूरे किए।

रॉकेट के साथ गईं खास चीजें

इस मिशन में कई तकनीकी पेलोड और सैटेलाइट्स के साथ ‘कॉस्मिक ब्लूम’ नाम का लैब-ग्रोन डायमंड आर्ट पीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हस्तलिखित पोस्टकार्ड भी अंतरिक्ष में भेजा गया।

पीएम मोदी ने दी बधाईसफल लॉन्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘विक्रम-1’ की सफलता आत्मनिर्भर भारत और देश के युवाओं की नवाचार क्षमता का प्रतीक है।

भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धिस्काईरूट एयरोस्पेस इससे पहले 2022 में ‘विक्रम-S’ का सफल सब-ऑर्बिटल लॉन्च कर चुकी है। अब ‘विक्रम-1’ की सफलता के साथ कंपनी ने वैश्विक कमर्शियल स्पेस लॉन्च मार्केट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है।

संबंधित पोस्ट