जानिए क्या अतिरिक्त मंत्रालय मिलने पर बढ़ती है मंत्री की सैलरी?

जानिए क्या अतिरिक्त मंत्रालय मिलने पर बढ़ती है मंत्री की सैलरी?

Spread the love

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री को एक से अधिक मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिलने पर क्या उनकी सैलरी बढ़ जाती है? यह सवाल अक्सर तब चर्चा में आता है, जब किसी मंत्री को अतिरिक्त मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाता है। भारतीय कानून और संसदीय नियमों के अनुसार, किसी केंद्रीय मंत्री को अतिरिक्त मंत्रालय मिलने पर अलग से कोई अतिरिक्त वेतन या भत्ता नहीं दिया जाता।

केंद्रीय मंत्री की सैलरी कैसे तय होती है?

भारत में केंद्रीय मंत्रियों का वेतन और भत्ते संबंधित कानूनों और नियमों के तहत निर्धारित किए जाते हैं। एक केंद्रीय मंत्री को वेतन के अलावा निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय भत्ता और संसदीय बैठकों के दौरान दैनिक भत्ता सहित अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।

इसके अतिरिक्त उन्हें सरकारी आवास, आधिकारिक वाहन, यात्रा सुविधाएं और चिकित्सा जैसी कई सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

अतिरिक्त मंत्रालय मिलने पर क्यों नहीं बढ़ती सैलरी?

भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था में ‘लाभ के पद’ (Office of Profit) के सिद्धांत का पालन किया जाता है। इसके तहत कोई भी मंत्री केवल अपने एक मंत्री पद के लिए ही वेतन और भत्तों का पात्र होता है।

यदि किसी मंत्री को एक से अधिक मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है, तब भी उन्हें अलग से कोई अतिरिक्त वेतन, भत्ता या बोनस नहीं मिलता। अतिरिक्त मंत्रालय केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी बढ़ाता है, आर्थिक लाभ नहीं।

क्या होती है अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था?

कई बार किसी मंत्री के इस्तीफे, पद खाली होने या मंत्रालय में फेरबदल तक सरकार किसी दूसरे मंत्री को अस्थायी रूप से अतिरिक्त मंत्रालय का प्रभार सौंप देती है। इस दौरान संबंधित मंत्री दोनों मंत्रालयों का काम देखते हैं, लेकिन उनका वेतन वही रहता है जो एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के लिए निर्धारित है।

इसलिए, चाहे किसी मंत्री के पास एक मंत्रालय हो या कई मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार, उनकी सैलरी में कोई बदलाव नहीं होता।

संबंधित पोस्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *