लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित अग्निकांड वाली अवैध इमारत के ध्वस्तीकरण के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA)भवन मालिक से कार्रवाई में हुए खर्च की वसूली करेगा। एलडीए ने ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने में हुए कुल खर्च को 26 लाख 14 हजार 212 रुपये निर्धारित किया है।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर अभियंत्रण, विद्युत-यांत्रिक, सुरक्षा और जनसंपर्क अनुभाग ने ध्वस्तीकरण में हुए सभी खर्चों का आकलन किया। इसके आधार पर संबंधित भवन स्वामियों को रिकवरी नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।
कोर्ट के आदेश पर गिराई गई थी इमारत
प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला और अन्य द्वारा अलीगंज के सेक्टर-डी में अवैध रूप से व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया गया था। इसी भवन में आग लगने से जनहानि हुई थी।
उन्होंने बताया कि कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के अनुपालन में 25 जुलाई 2026 को अवैध भवन को गिराने की कार्रवाई की गई।
ध्वस्तीकरण में लगी भारी मशीनें
एलडीए के अनुसार, ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने के लिए जेसीबी, पोकलेन मशीन, ड्रिल मशीन, डंपर समेत अन्य मशीनरी और श्रमिकों की मदद ली गई। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन का पूरा खर्च भी प्राधिकरण ने वहन किया।
इन सभी मदों को जोड़ने के बाद कुल 26,14,212 रुपये का खर्च निर्धारित किया गया है।
भवन मालिक को भेजा जाएगा रिकवरी नोटिस
एलडीए ने बताया कि नियमों के अनुसार अवैध निर्माण को गिराने में होने वाला पूरा खर्च संबंधित भवन स्वामी से वसूला जाता है। इसका उल्लेख ध्वस्तीकरण आदेश के साथ जारी नोटिस में भी किया गया था।
अब भवन मालिकों को रिकवरी नोटिस जारी कर निर्धारित राशि जमा करने के निर्देश दिए जाएंगे। एलडीए ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में राशि जमा नहीं की गई तो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
