स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने रचा इतिहास, ‘फाइटर कॉम्बैट लीडर’

स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने रचा इतिहास, ‘फाइटर कॉम्बैट लीडर’

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नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (IAF) की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह ग्वालियर स्थित ‘टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट’ (TACDE) से प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स पूरा करने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं।

यह उपलब्धि भारतीय वायु सेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

TACDE को कहा जाता है IAF का ‘टॉप गन स्कूल’

ग्वालियर स्थित TACDE (Tactics and Air Combat Development Establishment) को भारतीय वायु सेना का ‘टॉप गन स्कूल’ कहा जाता है। यहां फाइटर पायलटों को अत्याधुनिक हवाई युद्ध रणनीतियों और उन्नत लड़ाकू अभियानों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

अब तक कोई भी महिला पायलट इस प्रतिष्ठित संस्थान से FCL कोर्स पूरा नहीं कर पाई थी।

20 हफ्तों की कठिन ट्रेनिंग की पूरी

भावना कंठ ने 20 सप्ताह तक चलने वाले इस कठिन और उन्नत प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया।

बताया जाता है कि इस कोर्स के लिए चयन होना ही बेहद कठिन होता है। लगभग 100 पायलटों में से केवल एक को इस प्रतिष्ठित ट्रेनिंग का अवसर मिलता है।

सुखोई-30MKI उड़ाती हैं भावना कंठ

स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ फिलहाल भारतीय वायु सेना के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में से एक सुखोई-30MKI को उड़ाती हैं। इससे पहले वह मिग-21 फाइटर जेट भी उड़ा चुकी हैं।

पहले भी बना चुकी हैं इतिहास

भावना कंठ इससे पहले 2021 के गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं।

वह भारतीय वायु सेना की उन पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में शामिल हैं, जिन्होंने लड़ाकू विमान उड़ाने की जिम्मेदारी संभाली और महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले।

बचपन का सपना हुआ साकार

साल 2016 में दिए एक इंटरव्यू में भावना कंठ ने कहा था,

“मेरे लिए यह बचपन का सपना था। जैसे ही मुझे मौका मिला, मैंने उसे तुरंत स्वीकार किया। मुझे लगता है कि यह सही समय नहीं, बल्कि हमेशा से होना चाहिए था।”

आज उनकी यह उपलब्धि देशभर की युवा महिलाओं और वायु सेना में करियर बनाने का सपना देखने वालों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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