नई दिल्ली: ग्रूमिंग और स्किन केयर के लिए लोग कई तरह के प्रोडक्ट्स पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन पर्सनल हाइजीन और प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। शरीर के इस हिस्से में पसीना, नमी और गंदगी जमा होने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे जलन, बदबू और संक्रमण जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए सही तरीके से पर्सनल हाइजीन बनाए रखना जरूरी है। वहीं, बहुत ज्यादा सफाई या गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी नुकसान पहुंचा सकता है।
महिलाओं के लिए इन बातों का रखें ध्यान
महिलाओं को प्राइवेट पार्ट की सफाई करते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। आमतौर पर बाहरी हिस्से यानी पर्सनल हाइजीन का मतलब जरूरत से ज्यादा सफाई या तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना नहीं है। सही और नियमित सफाई के साथ शरीर के प्राकृतिक संतुलन का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
की सफाई करना पर्याप्त होता है। इसके लिए पानी या हल्के, बिना खुशबू वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
वेजाइनल डूशिंग या तेज केमिकल वाले साबुन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे प्राकृतिक पीएच संतुलन प्रभावित हो सकता है और जलन या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
टॉयलेट के बाद सफाई करते समय आगे से पीछे की ओर पोंछना बेहतर माना जाता है, ताकि बैक्टीरिया के फैलने की संभावना कम हो।
पीरियड्स के दौरान हाइजीन का रखें खास ख्याल
मासिक धर्म के दौरान सैनिटरी पैड को नियमित अंतराल पर बदलना जरूरी है। आम तौर पर पैड को 4 से 6 घंटे में बदलने की सलाह दी जाती है, जबकि टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करते समय उसके साथ दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।
लंबे समय तक एक ही प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से नमी और बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे असहजता या संक्रमण का खतरा हो सकता है।
पुरुष भी इन बातों का रखें ध्यान
पुरुषों को भी रोजाना प्राइवेट पार्ट की सफाई करनी चाहिए। जिन पुरुषों में फोरस्किन होती है, उन्हें उसे धीरे से पीछे करके अंदर के हिस्से को साफ करना चाहिए और सफाई के बाद उस हिस्से को अच्छी तरह सुखाना चाहिए।
फोरस्किन के नीचे गंदगी या अन्य पदार्थ जमा रहने से जलन और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
रोजाना बदलें अंडरवियर
महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए रोजाना साफ अंडरवियर पहनना जरूरी है। सूती और आरामदायक अंडरवियर पसीना और नमी को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।
वर्कआउट या स्विमिंग के बाद गीले कपड़ों में लंबे समय तक रहने से बचें। नमी और पसीने के कारण त्वचा पर रैशेज और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
सेक्स के बाद पेशाब करना क्यों जरूरी?
यौन संबंध के बाद पेशाब करना कुछ लोगों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह UTI से बचाव की गारंटी नहीं है और बार-बार संक्रमण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर प्राइवेट पार्ट में लगातार जलन, खुजली, असामान्य बदबू, दर्द, असामान्य डिस्चार्ज या पेशाब करते समय दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
