नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने पुणे में मनुस्मृति का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसमें महिलाओं को जीवन के अलग-अलग चरणों में पुरुष रिश्तेदारों के अधीन रहने की बात कही गई है। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए अपमानजनक और शर्मनाक बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि मनुस्मृति में लिखा है कि बचपन में महिला अपने पिता के अधीन, जवानी में पति के अधीन और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए, ऐसे विचार शर्मनाक हैं।
अमित मालवीय ने साधा निशाना
राहुल गांधी के बयान पर BJP नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू धर्मग्रंथों को अपनी सुविधा के अनुसार पेश करके हिंदू-विरोधी नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है।
अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी को हिंदू धर्म और महिलाओं के बारे में टिप्पणी करने से पहले पूरी मनुस्मृति पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी बहस करना चाहते हैं तो उन्हें धर्मग्रंथों को ईमानदारी से पढ़ना चाहिए, न कि राजनीतिक नजरिए से देखना चाहिए।
मालवीय ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म को राहुल गांधी से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है और कांग्रेस का यह रुख महज ‘प्रोपेगेंडा’ है।
निशिकांत दुबे ने प्रियंका गांधी का किया जिक्र
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए परिवारवाद और कांग्रेस के इतिहास को लेकर गांधी परिवार पर निशाना साधा।
दुबे ने एक्स पोस्ट में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर जवाहरलाल नेहरू, विजयलक्ष्मी पंडित और इंदिरा गांधी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धांत और उपदेश दूसरों पर लागू करने से पहले अपने घर में भी देखे जाने चाहिए।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने पुणे में अपने संबोधन के दौरान मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर उसमें बताए गए कथित प्रावधानों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे विचार महिलाओं के सम्मान के खिलाफ हैं और इन्हें स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
