बच्चों की सर्दी-जुकाम की दवाओं पर सरकार का बड़ा फैसला

बच्चों की सर्दी-जुकाम की दवाओं पर सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली: बदलते मौसम में बच्चों में सर्दी-जुकाम और बहती नाक की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में कई माता-पिता बिना डॉक्टर की सलाह के घर में मौजूद दवाएं बच्चों को दे देते हैं। अब केंद्र सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फेनिलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड वाले फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) की दवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है।

इन दवाओं के निर्माण और बिक्री पर पाबंदी

सरकार ने क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फेनिलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड वाले सभी FDC दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। ये दोनों घटक आमतौर पर सर्दी-जुकाम, बहती नाक और इससे जुड़ी समस्याओं की दवाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, छोटे बच्चों में इन दवाओं के इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा हो सकता है। एक्सपर्ट कमेटी ने माना कि बच्चों के लिए बाजार में इससे अधिक सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं।

दवाओं के पैकेट पर देनी होगी चेतावनी

नई पाबंदी के साथ कंपनियों को बच्चों से जुड़ी दवाओं के लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री पर स्पष्ट चेतावनी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य माता-पिता और अन्य लोगों को दवाओं के संभावित जोखिम के बारे में जागरूक करना है।

सरकार का यह फैसला विशेषज्ञ समिति और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।

पहले भी बच्चों की दवाओं को लेकर लिया जा चुका है बड़ा फैसला

बच्चों की दवाओं को लेकर केंद्र सरकार पहले भी सख्ती कर चुकी है। अक्टूबर 2025 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने पर रोक लगाई थी।

यह फैसला मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के सेवन के बाद 11 बच्चों की मौत की खबरों के बाद लिया गया था। उस समय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा था कि आमतौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने से बचना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को न दें दवा

स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता से अपील की है कि छोटे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के सर्दी-जुकाम की दवा या सिरप न दें। बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में अलग तरह से प्रतिक्रिया कर सकता है और कुछ दवाएं उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य सर्दी-जुकाम अक्सर कुछ दिनों से लेकर एक-दो सप्ताह के भीतर अपने आप ठीक हो जाता है। इसलिए बच्चे को हल्की सर्दी-जुकाम होने पर खुद से दवा देने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

माता-पिता इन बातों का रखें ध्यान

  • बच्चे को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई सर्दी-जुकाम की दवा न दें।
  • दवा खरीदने से पहले उसका लेबल और चेतावनी जरूर पढ़ें।
  • बच्चे की उम्र के हिसाब से दवा की उपयुक्तता डॉक्टर से पूछें।
  • कफ या कोल्ड सिरप को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • लक्षण गंभीर या लंबे समय तक बने रहने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

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