हिमाचल में भारी बारिश का कहर, परवाणू में NH-05 पर मलबा गिरने से यातायात बाधित

हिमाचल में भारी बारिश का कहर, परवाणू में NH-05 पर मलबा गिरने से यातायात बाधित

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जारी है। सोलन जिले के प्रवेशद्वार परवाणू में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के कारण परवाणू-पिंजौर खंड में पहाड़ी से मलबा, चट्टानें और पत्थर गिरने से NH-05 पर यातायात बाधित हो गया।

क्षेत्र में एक पुल के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना सामने आई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित मार्ग को जल्द बहाल करने के लिए मौके पर जुटी हुई हैं।

परवाणू-पिंजौर बाईपास पर आवाजाही प्रभावित

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, परवाणू-पिंजौर बाईपास पर भूस्खलन और मलबा आने के कारण दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

प्रशासन ने वाहन चालकों को प्रभावित मार्ग से बचने की सलाह दी है। लोगों से पुराने कालका-पिंजौर मार्ग का इस्तेमाल करने को कहा गया है। वहीं, हल्के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरने के निर्देश दिए गए हैं।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही नहीं करने की अपील की है। साथ ही पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

प्रभावित सड़क को बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।

हिमाचल में मानसून से अब तक 259 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदा और सड़क दुर्घटनाओं के कारण जनहानि का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, 2 सितंबर तक 259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 468 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

मानसून के दौरान राज्य को 1,276 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। सबसे ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। अब तक सड़क हादसों में 153 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

उफनती नदियों और बंद रास्तों से दूर रहें

स्थानीय प्रशासन और राज्य मुख्यालय के अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही बंद किए गए रास्तों का इस्तेमाल बिल्कुल न करने की सलाह दी गई है। पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे के कारण कई मार्गों पर आवाजाही बंद है।

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