अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर सियासत तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किए जाने के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने भी इस नियुक्ति को लेकर बयान दिया है।
प्रशांत किशोर ने जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल नए व्यक्ति की नियुक्ति से पूरा मामला खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार को राम मंदिर से जुड़े चोरी और गबन के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि आरोप सही हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए।
‘नए व्यक्ति को नियुक्त करने से मामला खत्म नहीं होगा’
प्रशांत किशोर ने कहा, “नए व्यक्ति को नियुक्त करने से मामला खत्म होने वाला नहीं है। सरकार को यह बताना चाहिए कि देश के हिंदुओं के इतने बड़े आस्था के केंद्र राम मंदिर में चोरी-गबन का आरोप है… उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।”
उनका यह बयान राम मंदिर ट्रस्ट में नए CEO की नियुक्ति के बाद सामने आया है। जीतेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
गयाजी में दिया बयान
प्रशांत किशोर ने यह बयान बिहार के गयाजी में दिया। वह वहां आयोजित शिक्षक संवाद एवं नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राम मंदिर और नए CEO की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति
जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है।
इस नियुक्ति के बाद राम मंदिर के प्रशासन और उससे जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। प्रशांत किशोर ने भी इसी कड़ी में मंदिर से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई की मांग की है।
