नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय को सालबोनी भूमि धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि सुमित रॉय को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
कोर्ट ने रखी यह शर्तसुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि सुमित रॉय जांच एजेंसियों के सामने सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेंगे और जांच में किसी भी तरह का सहयोग देने से इनकार नहीं करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है। इस मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने टीएमसी के पूर्व विधायक सुजय हाजरा को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में सामने आया नाम
जांच के दौरान पूर्व विधायक सुजय हाजरा से पूछताछ में सुमित रॉय का नाम सामने आने के बाद पुलिस और सीआईडी (CID) ने उनकी तलाश तेज कर दी थी। जांच एजेंसियों ने अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर भी तलाशी ली थी। स्थानीय अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने सुमित रॉय के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था।
हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत
गिरफ्तारी से बचने के लिए सुमित रॉय ने पहले कलकत्ता हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। 3 अगस्त को हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की।
