मुंबई: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के चर्चित रेप मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार (6 अगस्त 2026) को हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने गोवा सेशंस कोर्ट के 2021 के बरी करने वाले फैसले को रद्द करते हुए उन्हें दोषी करार दिया। अब अदालत जल्द ही सजा पर फैसला सुनाएगी।
किन धाराओं में दोषी ठहराया गया?
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ के न्यायमूर्ति नीला गोखले और अमित जमसांडेकर ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(एफ), 354(ए) और 354(बी) के तहत दोषी ठहराया है।धारा 376(2)(एफ): विश्वास या अधिकार की स्थिति का दुरुपयोग कर दुष्कर्म।धारा 354(ए): यौन उत्पीड़न।धारा 354(बी): महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से आपराधिक बल का प्रयोग।
इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
सुप्रीम कोर्ट जाएंगे तरुण तेजपाल
हाई कोर्ट के फैसले के बाद तरुण तेजपाल ने कहा कि वह इस निर्णय से सहमत नहीं हैं और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उनका कहना है कि हाई कोर्ट का फैसला गलत है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 7 और 8 नवंबर 2013 का है। आरोप है कि गोवा में आयोजित THiNK Fest कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने अपनी जूनियर महिला सहकर्मी के साथ दो बार यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन हिंसा की गई।घटना के बाद पीड़िता ने संस्थान के भीतर शिकायत दर्ज कराई। बाद में तरुण तेजपाल ने ईमेल के जरिए बिना शर्त माफी भी मांगी। नवंबर 2013 में उनकी गिरफ्तारी हुई और उन्होंने करीब सात महीने जेल में बिताए। जुलाई 2014 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली।
2021 में हुए थे बरी, अब फैसला पलटा
सितंबर 2017 में ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए थे। 21 मई 2021 को गोवा की मापुसा जिला एवं सत्र अदालत ने सबूतों की कमी और गवाहों के बयानों में विरोधाभास का हवाला देते हुए उन्हें बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी, जहां अब हाई कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया है।
