खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा स्थित सनातन धर्मशाला परिसर के एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे करीब 360 विद्यार्थियों ने रोजगार, पर्यटन, विकास, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सीएम धामी से सीधे सवाल किए।
मुख्यमंत्री ने छात्रों के सवालों का सहज और स्पष्ट तरीके से जवाब देते हुए पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड बनाने के सरकार के संकल्प को दोहराया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी या अन्य काम के बदले रिश्वत मांगता है अथवा अनुचित दबाव बनाता है तो वे निःसंकोच टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सीएम ने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों की विशेष टीमों के माध्यम से त्वरित जांच कराई जाती है।
‘विकल्प रहित संकल्प’ से बनेगा अग्रणी उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने अपने विजन को साझा करते हुए कहा कि वह ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहते हैं, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत न पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के साथ बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड के पास हिमालयी पर्वत श्रृंखलाएं, नदियां, वन संपदा, कृषि संसाधन और बेहतर शैक्षणिक संस्थान जैसी प्राकृतिक और मानवीय संपदाएं हैं। इनका बेहतर उपयोग करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ काम कर रही है।
सीमांत क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता
सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर छात्रा आल्या के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीमांत जिले और गांव देश के अंतिम छोर नहीं, बल्कि भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। इसी सोच के साथ इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, पक्की सड़कें, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर
कक्षा 11 की छात्रा रेखा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा उत्तराखंड की सबसे बड़ी धरोहर है। इसलिए विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।
आपदा के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है।
’34 हजार युवाओं को दी सरकारी नौकरी’
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन जीने और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की सलाह दी।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध करा चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी युवाओं के लिए रोजगार और करियर के अवसर लगातार उपलब्ध कराए जाएंगे।
पर्यटन को मिल रही नई गति
पर्यटन को लेकर छात्र अब्दुल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिली है।
उन्होंने चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों के बेहतर स्वागत, स्वच्छता, सुविधाओं और आतिथ्य पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है, ताकि उत्तराखंड आने वाले लोग यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आतिथ्य से प्रभावित होकर दोबारा आने के लिए प्रेरित हों।
सीएम धामी के मुताबिक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का परिणाम है कि प्रदेश में पर्यटकों की वार्षिक संख्या 7 से 8 करोड़ के पारपहुंच गई है।
18 स्कूलों के करीब 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में करीब 18 विद्यालयों के 360 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे।
कार्यक्रम में खुशबू हिंद पब्लिक स्कूल, अब्दुल आरपी स्कूल, सतवीर सिंह रोज पब्लिक स्कूल, देव विश्वास शिक्षा भारती स्कूल, आयुषी आईआईएचसीए, रिजवान जीआईसी, रुद्र प्रताप सिंह रोज पब्लिक स्कूल और शहीद हरि किशन इंटर कॉलेज समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी मौजूद रहे।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
