लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गोमूत्र खरीद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने योगी सरकार की इस पहल पर सवाल उठाते हुए जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
इमरान मसूद ने गोमूत्र खरीद योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बस इसी काम पर रह गए… रोजगार भी दोगे कि नहीं।” कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि जनता की प्राथमिकता रोजगार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे हैं और सरकार को इन समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
‘चारा घोटाले से भी बड़ा स्कैम’- इमरान मसूद
कांग्रेस सांसद ने गोमूत्र खरीद के फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि “ये फोडर स्कैम (चारा घोटाला) से भी बड़ा स्कैम है।”
हालांकि, सरकार की ओर से गोमूत्र खरीद से जुड़ी पहल को पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।
इमरान मसूद ने कहा कि सरकार को युवाओं को रोजगार देने, किसानों की समस्याओं का समाधान करने और महंगाई कम करने जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता से काम करना चाहिए।
दिल्ली प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
इमरान मसूद ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन चलने की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करने के लिए विपक्ष लगातार आवाज उठा रहा है।
झारखंड छात्र आंदोलन पर भी बोले इमरान मसूद
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
इमरान मसूद ने दावा किया कि झारखंड सरकार छात्रों की मांगों को सुनेगी और समाधान निकालने की कोशिश करेगी। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला।
‘विरोध की आवाज दबा रही सरकार’
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विरोध की आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बाहरी ताकत किसी आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश करती है तो इससे छात्रों के वास्तविक मुद्दे कमजोर हो सकते हैं।
इमरान मसूद के इन बयानों के बाद गोमूत्र खरीद योजना, रोजगार, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों को लेकर उत्तर प्रदेश समेत देश की राजनीति में बहस और तेज होने के आसार हैं।
