डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में मतदान से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना खाता खोल लिया है। वार्ड नंबर 23 से भाजपा प्रत्याशी मनन कलासुआ निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन जांच के दौरान रिटर्निंग अधिकारी की ओर से निरस्त किए जाने के बाद मनन कलासुआ के सामने कोई अन्य वैध प्रत्याशी मैदान में नहीं बचा। इसके बाद उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
मतदान से पहले ही तय हुआ परिणाम
नगर परिषद चुनाव में वार्ड 23 का मुकाबला मतदान तक पहुंचने से पहले ही समाप्त हो गया। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी मनन कलासुआ के सामने कोई वैध उम्मीदवार नहीं बचा।
ऐसे में वार्ड 23 में मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी और मनन कलासुआ को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। जहां शहर के अन्य वार्डों में प्रत्याशी प्रचार और जनसंपर्क में जुटे हैं, वहीं वार्ड 23 में नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही परिणाम सामने आ गया।
नामांकन निरस्त होने की वजह क्या है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन निरस्त किए जाने के पीछे पुलिस प्रकरण से जुड़ा कारण बताया जा रहा है। हालांकि, नामांकन निरस्तीकरण की सटीक वजह और उससे संबंधित कानूनी स्थिति रिटर्निंग अधिकारी के आदेश एवं निर्वाचन रिकॉर्ड से ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस वार्ड 23 में चुनावी मुकाबले से बाहर हो गई और भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।
निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के बेटे हैं मनन
मनन कलासुआ का निर्विरोध निर्वाचन राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह डूंगरपुर नगर परिषद के निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के पुत्र हैं। भाजपा ने उन्हें वार्ड नंबर 23 से अपना प्रत्याशी बनाया था।
निर्विरोध निर्वाचन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। पार्टी इसे नगर परिषद चुनाव में शुरुआती बढ़त के तौर पर देख रही है।
भाजपा ने खोला चुनावी खाता
वार्ड नंबर 23 से निर्विरोध जीत के साथ भाजपा ने डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में अपना पहला खाता खोल दिया है। बिना मतदान के मिली इस जीत से भाजपा खेमे में उत्साह है।
वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस ने भाजपा के सामने प्रत्याशी उतारकर मुकाबला बनाने की तैयारी की थी, लेकिन नामांकन जांच के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गए।
अब बाकी वार्डों पर टिकी नजर
वार्ड 23 का परिणाम सामने आने के बाद अब भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों का फोकस नगर परिषद के बाकी वार्डों पर है। अन्य क्षेत्रों में प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला जारी है और उम्मीदवार मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जनसंपर्क में जुटे हैं।
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में वार्ड 23 से भाजपा की निर्विरोध जीत पार्टी के लिए शुरुआती मनोवैज्ञानिक बढ़त मानी जा रही है। हालांकि नगर परिषद की पूरी राजनीतिक तस्वीर मतदान और सभी परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
